क्रिप्टो मार्केट में हाहाकार! 24 घंटे में स्वाह हो गए 17 लाख करोड़, ताश के पत्तों की तरह ढहा Bitcoin

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दुनिया की क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में पिछले 24 घंटे किसी ब्लैक डे से कम नहीं रहे। निवेशकों की आंखों के सामने महज एक दिन में 17 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति हवा हो गई। क्रिप्टो मार्केट का हाल ऐसा था मानो किसी ने एक झटके में पूरी इमारत धराशायी कर दी हो।
दुनिया की सबसे उतार-चढ़ाव वाली क्रिप्टोकरेंसी मार्केट ने पिछले 24 घंटे में निवेशकों को जबरदस्त झटका दिया है। अचानक हुई भारी बिकवाली से पूरा ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट हिल गया। कई लोगों के निवेश देखते ही देखते ताश के पत्तों की तरह ढह गए। सिर्फ एक दिन में मार्केट से 17 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा गायब हो गए। यह गिरावट साफ दिखाती है कि क्रिप्टो दुनिया जितनी चमकदार दिखती है, उतनी ही जोखिम भरी भी है।

पिछले कई दिनों से क्रिप्टो में गिरावट जारी थी, लेकिन इस बार का धक्का अब तक का सबसे बड़ा साबित हुआ। कॉइनमार्केटकैप के अनुसार गुरुवार सुबह 9:30 बजे क्रिप्टोकरेंसी मार्केट कैप 3.14 लाख करोड़ डॉलर था, जो शुक्रवार सुबह तक गिरकर 2.95 लाख करोड़ डॉलर रह गया। यानी 24 घंटे में 6% से ज्यादा की गिरावट और इसी के साथ निवेशकों के 0.19 लाख करोड़ डॉलर यानी करीब 17 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। मार्केट में डर का माहौल इतना गहरा है कि फियर एंड ग्रीड इंडेक्स गिरकर 11 पर आ गया, जो बताता है कि निवेशक बड़े पैमाने पर सेलिंग कर रहे हैं।
बिटक्वाइन ताश के पत्तों की तरह ढहा
क्रिप्टो मार्केट का सबसे बड़ा नाम बिटकॉइन भी इस भारी गिरावट से बच नहीं पाया। बीते 24 घंटों में बिटकॉइन 7% से ज्यादा टूटकर 86,000 के नीच आ गया है। शुक्रवार सुबह 9:30 बजे यह 85,750 पर ट्रेड कर रहा था। सिर्फ एक दिन में ही नहीं, बिटकॉइन पिछले 7 दिनों में 13% से ज्यादा लुढ़क चुका है।

एथेरियम, रिपल, सोलाना ने भी गंवाया रंग
इथेरियम, रिपल, सोलाना, कार्डानो जैसी अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी भी बुरी तरह ध्वस्त हुई हैं।

इथेरियम: 7.53% गिरकर 2799 डॉलर
रिपल (XRP): 7% गिरकर 1.97 डॉलर
सोलाना: 7.28% गिरकर 132 डॉलर
कार्डानो: 7.87% गिरकर 0.42 डॉलर
कॉइनमार्केटकैप के मुताबिक टॉप 100 क्रिप्टो सभी लाल निशान में हैं। कई टोकन्स 10-20% की गिरावट तक दर्ज कर चुके हैं।

क्रैश की असली वजह क्या है?
मार्केट एनालिस्ट्स की मानें तो क्रिप्टो सेल-ऑफ के पीछे कई बड़े फैक्टर हैं, जैसे-

निवेशकों का जोखिम उठाने का मूड कमजोर पड़ना
टाइट फाइनेंशियल कंडीशंस
बढ़ती ट्रेजरी यील्ड
फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती में देरी की आशंका
इन सभी मैक्रोइकोनॉमिक फैक्टर्स ने हाई-वोलैटिलिटी एसेट्स को भारी नुकसान पहुंचाया और इसका सबसे बड़ा असर क्रिप्टो मार्केट पर दिखा।

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