पंचकूला से बड़ी खबर | बच्चे को स्कूल छोड़ने गई महिला से एनजीओ स्टाफ की गाली-गलौज, धमकी और रिकॉर्डिंग डिलीट करने का आरोप—रूबी बोलीं: “शिक्षा देने वाले ही बदसलूकी करें तो बच्चों का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा?”

Date:

पंचकूला | विशेष रिपोर्ट

हरियाणा के पंचकूला से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां सेक्टर 20 में रहने वाली रूबी (पति तबरेज) ने एनजीओ से जुड़े स्टाफ पर अभद्र व्यवहार, धमकी देने, बच्चे से मारपीट करने, पैसे वसूलने और शिकायत दबाने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना 29 नवंबर 2025 की सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही है।

रूबी के मुताबिक, वह हर दिन की तरह अपने 5 वर्षीय बेटे असद को सेक्टर 12A साही की पाठशाल स्कूल छोड़ने जा रही थीं। बच्चे के लिए एनजीओ की तरफ से ऑटो की व्यवस्था रहती है, जिसे मैडम बिनी और रेनू संभालती हैं। रूबी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से ऑटो लगातार लेट आ रही थी। जब उन्होंने दोनों मैडमों से इसका कारण पूछा, तो जवाब मिला—“9:30 बजे तक आ जाएगी।” इसी भरोसे पर रूबी सुबह 9 बजे बेटे के साथ घर से निकल गईं।

लेकिन 9:30 बजे तक भी ऑटो नहीं पहुंची। जब रूबी ने दोबारा फोन किया, तो उनके अनुसार मैडम बिनी और रेनू ने गाली-गलौज शुरू कर दी और कहा—“तुम्हारे बाप की ऑटो है क्या?” इतना ही नहीं, कथित तौर पर धमकी दी—“स्कूल आओ, तुम्हें घसीट देंगे।”

रूबी ने बताया कि एनजीओ की ओर से स्वेटर और यूनिफॉर्म के पैसे न लिए जाने की बात कही गई थी, लेकिन फिर भी उनसे पैसे वसूले गए। जब वह शिकायत लेकर थाने पहुंचीं, तो एनजीओ के मालिक थापर भी वहां पहुंचे। रूबी का आरोप है कि उन्होंने उल्टा उन्हें ही धमकाया—“जानती हो किससे पंगा ले रही हो? शिकायत वापस ले लो। कोई सबूत है तुम्हारे पास?”

रूबी के पास उस समय मैडमों के साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग मौजूद थी। उन्होंने यह रिकॉर्डिंग थाने में सुनाई भी, पर आरोप है कि थापर ने वह रिकॉर्डिंग भी उनके फोन से डिलीट कर दी।

रूबी ने बताया कि मैडम बिनी और रेनू पहले भी उनके बच्चे असद को आंख और मुंह पर मार चुकी हैं, लेकिन उन्होंने बात बढ़ने नहीं दी। मगर इस बार मामला गाली, धमकी और पैसे वसूलने तक जा पहुंचा, इसलिए वह चुप नहीं रह सकीं।

थापर सर ने बाद में मैडम बिनी और रेनू से माफी मंगवाई, लेकिन रूबी के अनुसार माफी के दौरान भी दोनों ने बदतमीजी की और मामले को दबाने के लिए हाथ जोड़ने का दबाव बनाया। रूबी का यह भी कहना है कि थाने में दी गई शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि उन पर ही आरोप लगा दिया गया कि “गरीब होने का फायदा उठाकर एनजीओ वालों को फंसाया जा रहा है” और उनसे पैसे ऐंठने के झूठे आरोप भी लगाए गए।

रूबी ने बताया कि अब मामला दबाने की कोशिश की जा रही है, जबकि वह सिर्फ न्याय चाहती हैं। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और सम्मान सबसे पहले है।

अब रूबी ने मीडिया के माध्यम से मांग की है कि मैडम बिनी और रेनू को स्कूल से हटाया जाए, ताकि बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो सके।

रूबी का कहना है—“टीचर का काम बच्चों को शिक्षा देना है, न कि गाली, धमकी और बदसलूकी करना। अगर ऐसे लोग स्कूल में रहेंगे, तो बच्चे क्या सीखेंगे? उनकी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?”

रूबी ने मीडिया से अपील की है कि मामले की जांच निष्पक्ष रूप से कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में किसी अभिभावक या बच्चे को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

2 किलोमीटर तक दौड़ाकर ट्रक ड्राइवर को पीटा, लाठी-डंडों और ईंटों से किया अधमरा—हाईवे पर दहशत

शामली/सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में हाईवे पर एक...