पुलिस से न्याय न मिलने पर पीड़िता ने लगाई गुहार
एक विवाहिता महिला ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया है कि पति के दूसरी महिला से अवैध संबंधों के चलते उसका और उसके दो मासूम बच्चों का जीवन नरक बन गया है। पीड़िता का कहना है कि पति आए दिन काम करके घर लौटने के बाद उसके साथ मारपीट करता है और दहेज को लेकर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता है।
पीड़िता ने बताया कि वह पढ़ी लिखी नहीं है, इसके बावजूद मेहनत मजदूरी कर अपने दो बच्चों का पालन पोषण कर रही है। वहीं पति दूसरी महिला के साथ संबंधों में लिप्त होकर घर की जिम्मेदारियों से पूरी तरह मुंह मोड़ चुका है। जब वह इसका विरोध करती है तो उसे बेरहमी से पीटा जाता है और बच्चों को भी नहीं बख्शा जाता।
महिला का आरोप है कि पति दूसरी महिला के इशारों पर उसे घर से निकालने की धमकी देता है और तरह तरह से प्रताड़ित करता है। पीड़िता के पास पति और दूसरी महिला के साथ के फोटो और आपत्तिजनक चैट भी मौजूद हैं, जो उसके आरोपों को मजबूत करते हैं।
पीड़िता ने बताया कि वह न्याय की आस लेकर कई बार थाने गई, लेकिन पुलिस ने उसकी कोई मदद नहीं की। हर बार उसे टाल दिया गया और घरेलू मामला बताकर अनसुना कर दिया गया। पुलिस की उदासीनता से पीड़िता पूरी तरह टूट चुकी है और अब उसे अपनी और बच्चों की जान का खतरा सता रहा है।
महिला का कहना है कि वह सिर्फ अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए न्याय चाहती है। उसने प्रशासन और महिला आयोग से मांग की है कि उसके पति और उसके साथ रहने वाली महिला के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उसे और उसके बच्चों को इस अत्याचार से मुक्ति मिल सके।
यह मामला न केवल घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न की भयावह तस्वीर पेश करता है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि जब पीड़ित महिलाएं थाने का दरवाजा खटखटाती हैं, तो उन्हें न्याय क्यों नहीं मिल पाता। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कब संज्ञान लेता है और पीड़िता को कब इंसाफ मिलता है।

