बिहार के नालंदा जिले के धरथरी बाजार की रहने वाली 34 वर्षीय संगीता देवी इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में हैं। वार्ड नंबर क्षेत्र की निवासी और संतोष क्रेवट की पत्नी संगीता देवी ने सीमित संसाधनों के बीच अपने जुनून और मेहनत के दम पर एक अलग पहचान बनानी शुरू कर दी है। पिछले लगभग 6 से 7 महीनों से वह लगातार वीडियो बना रही हैं और पूरी लगन के साथ इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का प्रयास कर रही हैं।
संगीता देवी का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए वह मजदूरी भी करती हैं। दिनभर मेहनत मजदूरी करने के बाद भी उनका उत्साह कम नहीं होता। शाम होते ही वह मोबाइल फोन के जरिए वीडियो बनाती हैं और उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करती हैं। उनका कहना है कि शुरुआत में लोगों ने मजाक उड़ाया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
स्थानीय लोगों के अनुसार संगीता देवी के वीडियो गांव और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से देखे जा रहे हैं। वह अपने वीडियो में ग्रामीण जीवन, घरेलू कामकाज, संघर्ष और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों को दिखाती हैं। उनकी सादगी और वास्तविकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बन रही है। धीरे-धीरे उनके फॉलोअर्स की संख्या बढ़ रही है और लोग उनके आत्मविश्वास की सराहना कर रहे हैं।
संगीता देवी का सपना है कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से इतनी पहचान बनाए कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें। उनका कहना है कि अगर अवसर मिला तो वह और बेहतर उपकरण और प्रशिक्षण लेकर अपने कंटेंट की गुणवत्ता भी बढ़ाना चाहेंगी। वह अन्य महिलाओं को भी संदेश देती हैं कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, यदि हौसला मजबूत हो तो रास्ता जरूर निकलता है।
धरथरी बाजार क्षेत्र में अब संगीता देवी एक प्रेरणा के रूप में देखी जा रही हैं। जहां एक ओर वह मजदूरी कर परिवार चला रही हैं, वहीं दूसरी ओर डिजिटल दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं। उनकी कहानी यह बताती है कि छोटे गांव से निकलकर भी बड़े सपने देखे जा सकते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास ही सबसे बड़ी पूंजी है।
अगर उनका यह संघर्ष और मेहनत इसी तरह जारी रही तो आने वाले समय में संगीता देवी सोशल मीडिया की दुनिया में एक मजबूत नाम बनकर उभर सकती हैं।

