गया। रंगों का पर्व होली पूरे देश में उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इसी कड़ी में गया शहर के लखी बाग इलाके में भी होली का त्योहार पारिवारिक खुशियों और आपसी प्रेम के साथ मनाया गया। यहां राजीव त्रिपाठी और वंदना त्रिपाठी ने अपने परिवार के साथ होलिका दहन के बाद रंग-गुलाल खेलकर इस पर्व को यादगार बना दिया। परिवार के सभी सदस्यों ने एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और पारंपरिक तरीके से त्योहार का आनंद लिया।
होली के मौके पर परिवार के सदस्यों ने घर के आंगन में एकत्र होकर रंगों की खुशियां बांटीं। बच्चों के चेहरे पर गुलाल और रंगों की चमक साफ नजर आ रही थी, जबकि बड़े भी पूरे उत्साह के साथ इस पर्व में शामिल हुए। पारंपरिक परिधान में सजे परिवार के लोग एक साथ खड़े होकर तस्वीरें खिंचवाते नजर आए, जिससे त्योहार का उत्साह और भी बढ़ गया। बच्चों ने पिचकारी और रंगों के साथ खूब मस्ती की, वहीं बड़ों ने आशीर्वाद और शुभकामनाओं के साथ माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया।
राजीव त्रिपाठी और वंदना त्रिपाठी ने बताया कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि यह परिवार और समाज को जोड़ने का अवसर भी होता है। इस दिन लोग अपने गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटते हैं और भाईचारे का संदेश देते हैं। परिवार के साथ मनाई गई होली की ये यादगार तस्वीरें इस बात की गवाही देती हैं कि त्योहारों का असली आनंद अपनों के साथ मिलकर मनाने में ही है।
स्थानीय लोगों ने भी इस मौके पर एक-दूसरे को रंग लगाकर और मिठाइयां बांटकर होली का पर्व मनाया। पूरे इलाके में रंग-गुलाल और खुशियों का माहौल देखने को मिला। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने पूरे उत्साह के साथ त्योहार का आनंद लिया और एक-दूसरे को सुख-समृद्धि और खुशहाल जीवन की शुभकामनाएं दीं।
होली के इस खास अवसर पर लखी बाग में परिवार और समाज के बीच एकता, प्रेम और सौहार्द का संदेश देखने को मिला। रंगों के इस पर्व ने लोगों को एक साथ जोड़ने का काम किया और यह साबित कर दिया कि त्योहार केवल परंपरा नहीं, बल्कि रिश्तों को मजबूत करने का सबसे खूबसूरत माध्यम भी हैं।

