छपरा जिले के मकई थाना क्षेत्र के रहने वाले 51 वर्षीय कृष्ण कुमार इन दिनों हैदराबाद में काम करते हैं और अपने परिवार के साथ वहीं रह रहे थे। कृष्ण कुमार की शादी करीब 16 साल पहले सुगान्त्ति देवी से हुई थी। इस दंपती के दो बच्चे हैं—13 साल की एक बेटी और 11 साल का एक बेटा। सुगान्त्ति देवी का मायका छपरा जिले के शोभे परसा गांव में है। बताया जाता है कि सुगान्त्ति देवी के भाइयों का नाम कुंदन कुमार और चंदन कुमार है। पिछले कई वर्षों से पति-पत्नी के बीच चल रहा विवाद अब गंभीर रूप ले चुका है।
कृष्ण कुमार का आरोप है कि पिछले करीब सात वर्षों से उनके और उनकी पत्नी के बीच लगातार झगड़े हो रहे थे। उनका कहना है कि वे अपने गांव में रहने वाले माता-पिता की मदद के लिए पैसे भेजते थे, लेकिन इस बात को लेकर सुगान्त्ति देवी अक्सर नाराज रहती थीं और उन्हें पैसे भेजने से रोकती थीं। इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी हुई और घर का माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
कृष्ण कुमार का कहना है कि पारिवारिक विवाद की एक बड़ी वजह सुगान्त्ति देवी के भाइयों कुंदन कुमार और चंदन कुमार से जुड़ा आर्थिक मामला भी है। उनका आरोप है कि दोनों भाइयों ने उनसे पैसे लिए थे, लेकिन बाद में उसी पैसे को लेकर घर में विवाद शुरू हो गया। कृष्ण कुमार के मुताबिक इन पैसों के कारण पति-पत्नी के बीच काफी बहस और झगड़े हुए, जिससे परिवार में तनाव और बढ़ गया।
लगातार बढ़ते विवाद के कारण पिछले 15 दिनों से कृष्ण कुमार अपने घर से अलग अपनी दुकान पर ही रह रहे थे। उन्होंने हैदराबाद में एक छोटी सी दुकान खोल रखी है और वहीं से अपना गुजारा करते हैं। इसी दौरान 15 मार्च को उनके ससुर मोहन शर्मा हैदराबाद पहुंचे। हैदराबाद आने के बाद वे सीधे कृष्ण कुमार की दुकान पर गए और उनसे बातचीत की।
कृष्ण कुमार के अनुसार उस समय उनके चाचा भी दुकान पर मौजूद थे और सभी के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। कृष्ण कुमार ने अपने ससुर से कहा कि यदि वे उनकी पत्नी सुगान्त्ति देवी और दोनों बच्चों को अपने साथ ले जाना चाहते हैं तो लिखित में यह दे दें कि आगे चलकर उनके पालन-पोषण और पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्च वे ही उठाएंगे, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो। कृष्ण कुमार का कहना है कि वे खुद अपने बच्चों को पढ़ाने-लिखाने और उनका खर्च उठाने में पूरी तरह सक्षम हैं।
कृष्ण कुमार का आरोप है कि उनके ससुर मोहन शर्मा ने किसी भी प्रकार का लिखित आश्वासन देने से इनकार कर दिया। इसके बाद 16 मार्च की सुबह करीब छह बजे मोहन शर्मा उनकी पत्नी सुगान्त्ति देवी और दोनों बच्चों को अपने साथ लेकर छपरा जिले के शोभे परसा स्थित मायके के लिए रवाना हो गए। कृष्ण कुमार का कहना है कि उन्हें इस बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई और घर की चाबी पड़ोस में देकर वे लोग वहां से चले गए।
कृष्ण कुमार का यह भी कहना है कि उन्होंने इस मामले को लेकर पहले भी दो बार पुलिस की मदद लेने की कोशिश की थी। पहली बार उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जबकि दूसरी बार उनकी पत्नी थाने गई थीं और बाद में मामला कोर्ट तक भी पहुंचा था। इसके बावजूद अब तक किसी प्रकार की ठोस सुनवाई नहीं हो सकी है। कृष्ण कुमार का आरोप है कि पुलिस से भी उन्हें अपेक्षित मदद नहीं मिल पाई।
पत्नी और बच्चों के अचानक मायके चले जाने के बाद कृष्ण कुमार काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि वे चाहते हैं कि इस पूरे मामले का कानूनी और सामाजिक स्तर पर समाधान निकले, ताकि बच्चों के भविष्य पर किसी प्रकार का असर न पड़े। फिलहाल इस पारिवारिक विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है।

