अभी मिडिल ईस्ट में जो हालात बने हुए हैं, वो आप भी जानते ही होंगे। इसी बीच दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक हाई लेवल की बैठक की जिसमें तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहें। आइए आपको विस्तार से इस बैठक के बारे में बताते हैं।पिछले महीने यानी फरवरी की 28 तारीख को इजरायल और अमेरिका की तरफ से संयुक्त रूप से ईरान पर हमला किया गया और उसके बाद ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच में जो युद्ध छिड़ा, वो अब तक शांत नहीं हुआ। इसी युद्ध के टेंशन को देखते हुए दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक अहम और उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी और सुरक्षा से जुड़े प्रमुख विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहें। आइए आपको इस बैठक के बारे में बताते हैं।
सुरक्षा परिस्थितियों पर हुई चर्चा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जो उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई, उसमें मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई है और इसके साथ ही भारत की सैन्य तैयारियों का भी व्यापक आकलन किया गया। आपको बता दें कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य युद्ध की वजह से बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच भारत की रक्षा तैयारियों को परखना और किसी भी संभावित चुनौती के लिए रणनीति तय करना था।
किन-किन अन्य मुद्दों पर हुई चर्चा?
आपको बता दें कि इस हाई लेवल बैठक में सीमा सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, एयर डिफेंस और ऑपरेशनल रेडीनेस जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक में रक्षा मंत्री ने साफ कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है और किसी भी स्थिति से निपटने की क्षमता रखता है। बता दें कि बैठक में सेनाओं को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब वैश्विक स्तर पर सुरक्षा हालात तेजी से बदल रहे हैं और भारत हर स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।

