उज्जैन जिले के इंगोरिया थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है,

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उज्जैन जिले के इंगोरिया थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें गिरवी रखे गए आभूषण वापस न मिलने, मारपीट, धमकी और पुलिस कर्मचारियों पर रिश्वत लेने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम को लेकर लिखित आवेदन देते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़ित जितेंद्र भाटी निवासी ग्राम कढ़ाई, तहसील बड़नगर ने बताया कि उन्होंने अपनी पारिवारिक जरूरत के चलते गांव के ही एक व्यक्ति संजय सोनी के पास अपने सोने-चांदी के आभूषण गिरवी रखे थे। इसमें मंगलसूत्र, चांदी के जेवर सहित अन्य सामान शामिल था। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने तय राशि के रूप में करीब 46 हजार रुपये संजय सोनी को चुका दिए, लेकिन इसके बावजूद आरोपी ने उनके आभूषण वापस नहीं किए।

जब पीड़ित ने अपने आभूषण वापस मांगे तो आरोप है कि संजय सोनी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की और मारपीट तक कर दी। इतना ही नहीं, आरोपी ने कथित रूप से पीड़ित को धमकाते हुए कहा कि वह जहां चाहे शिकायत कर ले, उसका कुछ नहीं बिगड़ेगा और उसके रिश्तेदार उच्च पद पर हैं।

मामले को लेकर पीड़ित ने इंगोरिया थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन यहां भी उसे राहत नहीं मिली। पीड़ित का आरोप है कि थाने में पदस्थ एक कर्मचारी मुकेश मीणा ने उससे 25 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर ले लिए और आश्वासन दिया कि सात दिन में उसका पैसा और आभूषण वापस दिलवा दिए जाएंगे। साथ ही यह भी कहा गया कि काम होने पर पांच हजार रुपये और देने होंगे।

पीड़ित का कहना है कि पैसे लेने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। और मुकेश मीणा जितेंद्र जी को फोन करके डरा धमका रहे हैं गाली गलौज कर रहे हैं की यह केस वापस ले लो नहीं तो तुम्हें जान से मार दिया जाएगा (मुकेश मीणा6264296275 मुकेश मीणा इंगोरिया थाना )जी ने कहा कि 60 ले लो और कैसे रफा दफा करो
जितेंद्र जी को फोन करके कह रहे हैं कि यहा केस को तुम वापस ले लो नहीं तो आपको झूठे केस में मैं फंसा दूंगा यहां बोलकर धमकी दी जा रही है जाएगा इसके बाद उसने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन वहां से भी उसे न्याय नहीं मिला। उल्टा, आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे फोन कर धमकाया कि बार-बार शिकायत करने पर उसके खिलाफ ही कार्रवाई कर दी जाएगी।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि हेल्पलाइन के नाम पर उसे बहलाकर उससे ओटीपी लिया गया और उसकी शिकायत को बिना समाधान के बंद कर दिया गया। लगातार हो रही अनदेखी और दबाव के चलते अब पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

यह मामला न केवल एक व्यक्ति के साथ हुए कथित अन्याय को दर्शाता है, बल्कि कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे प्रकरण को कितनी गंभीरता से लेकर पीड़ित को न्याय दिलाता है।

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