दिल्ली। राजधानी दिल्ली के विजय विहार थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला पारिवारिक विवाद सामने आया है, जहां एक महिला ने एक व्यक्ति पर धोखे से शादी करने, वर्षों तक शोषण करने और अब धमकियां देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का दावा है कि आरोपी ने अपनी पहली पत्नी से तलाक होने की झूठी बात कहकर उसे अपने जाल में फंसाया, मंदिर में शादी की और कई साल तक साथ रखने के बाद अब उसे और उसके बच्चे को छोड़ने की कोशिश कर रहा है।
पीड़िता हेमा ने बताया कि उनके पहले पति की वर्ष 2001 में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी दूसरी शादी हुई, लेकिन वह रिश्ता भी ज्यादा समय तक नहीं चल पाया और उन्हें वहां भी धोखे और मारपीट का सामना करना पड़ा। उस दौरान वह इंदिरा पार्क इलाके में किराये के मकान में रहती थीं। उसी समय पड़ोस में रहने वाले प्रशांत भारतीयापता जॉनसन’एस मैरि स्कूल हनुमान मंदिर शास्त्री पार्क गली नंबर 3 बुरारी और उसकी मां से उनकी पहचान हुई। हेमा के मुताबिक उस समय प्रशांत की शादी नहीं हुई थी और वह अक्सर उन्हें घरेलू हिंसा से बचाने के लिए आगे आता था।
हेमा का कहना है कि कुछ समय बाद प्रशांत की शादी हो गई, लेकिन करीब दो साल तक उनका उससे कोई संपर्क नहीं रहा। बाद में प्रशांत ने खुद उनसे संपर्क किया और बताया कि वह अपनी पत्नी को तलाक देने जा रहा है क्योंकि उसकी पत्नी से उसे बच्चे नहीं हो रहे हैं। पीड़िता के अनुसार इसी दौरान प्रशांत ने उन्हें अपने विश्वास में लिया और शादी का प्रस्ताव रखा। हेमा का आरोप है कि प्रशांत ने उनसे कहा कि वह जल्द ही अपनी पत्नी से अलग होकर उनके साथ नया जीवन शुरू करना चाहता है।
महिला का दावा है कि इसके बाद दोनों ने बवाना के एक मंदिर में गुपचुप तरीके से शादी कर ली और साथ रहने लगे। प्रशांत बवाना में मशीन और बैनर के काम से जुड़ा हुआ था और उसकी वहां एक दुकान भी थी। हेमा का कहना है कि वह खुद पार्लर का काम करती थीं और अच्छी कमाई करती थीं। दोनों कुछ समय तक बवाना और बाद में बुध विहार इलाके में साथ रहने लगे।
पीड़िता के मुताबिक शादी के बाद उनकी जिंदगी में कई मुश्किलें आईं। एक बार गर्भधारण के दौरान बच्चे की धड़कन बंद हो गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने गर्भपात कराना पड़ा। इसके बाद काफी इलाज और कठिनाइयों के बाद उन्होंने पांचवा बच्चे को जन्म दिया। उनका कहना है कि संजय गांधी अस्पताल में इलाज के दौरान उनके बेटे का जन्म हुआ, जिसका नाम वरदान रखा गया।
हेमा का आरोप है कि बच्चे के जन्म के बाद ही प्रशांत पहली पत्नी मीनू उर्फ सुरभि और उसके परिवार का व्यवहार बदल गया। उन्होंने दावा किया कि प्रशांत की मां कृष्णा और अन्य परिजनों ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। महिला का कहना है कि धीरे-धीरे उन्हें एहसास हुआ कि प्रशांत ने अपनी पहली पत्नी मेनू उर्फ सुरभि से तलाक नहीं लिया था और वह अब भी उससे संपर्क में था। इसी दौरान आईवीएफ द्वारा मीनू उर्फ सुरभि की एक बेटी है जिसका नाम याशी उम्र 6 वर्ष है पीड़िता का यह भी आरोप है कि प्रशांत के अपनी भाभी से भी अनुचित संबंध थे और अन्य लड़कियों के साथ भी और उसकी पहली पत्नी मीनू उर्फ सुरभि भी इस पूरे मामले से जुड़ी हुई थी। इतना ही नहीं पीढ़ी महिला को प्रशांत के दोस्त जो की गंदी नजर रखते थे जिनका नाम विकास शर्मा आकाश जो कि प्रशांत का साला है रोहित भाई विशाल और भी अन्य लोग जोर के शारीरिक तौर से पीड़ित महिला को परेशान करते थे और उन पर गंदी नजर रखते थे
पीड़िता का आरोप है कि जब उन्होंने इस धोखे का विरोध किया तो प्रशांत ने कथित तौर पर कहा कि उसने सिर्फ बच्चा पैदा करने के लिए उससे संबंध बनाए थे और अब उसे यहां से चले जाना चाहिए। महिला के मुताबिक प्रशांत ने कई बार उन्हें धमकी दी और कहा कि अगर वह ज्यादा विरोध करेंगी तो उन्हें और उनके बच्चे को नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
हेमा का कहना है कि मामले को लेकर उन्होंने पुलिस में शिकायत भी दी थी और कानूनी लड़ाई शुरू हुई। यह मामला उच्च अदालतों तक भी पहुंचा और करीब छह साल तक कोर्ट में सुनवाई चलती रही। इस दौरान दोनों परिवारों के बीच कई बार समझौते और बैठकों की कोशिशें भी हुईं, लेकिन पीड़िता का आरोप है कि उन्हें न्याय नहीं मिल पाया।
पीड़िता का कहना है कि अब भी आरोपी और उसके परिचित लोग उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। उनका आरोप है कि आरोपी के कुछ दोस्त भी उन्हें अपमानित करते थे और कई बार अभद्र टिप्पणियां करते थे। पीड़िता का कहना है कि इस पूरे मामले ने उनकी जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है और वह लंबे समय से न्याय के लिए संघर्ष कर रही हैं।
हेमा ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, शोषण और धमकी देने के आरोपों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने अपने और अपने बेटे की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। और बच्चे के भविष्य और पीड़ित पत्नी हेमा के लिए आर्थिक सहायता मिले

