पठानकोट जिले के बसरूप गांव से एक बेहद संवेदनशील और चिंता बढ़ाने वाला मामला सामने आया है। गांव बसरूप, पोस्ट ऑफिस फिरोजपुर कलां, जिला पठानकोट, पंजाब निवासी बैसाखी राम इन दिनों कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। बीमारी के कारण पहले ही उनका स्वास्थ्य काफी कमजोर है और उन्हें बार बार आने जाने में अत्यधिक परेशानी होती है। ऐसे में जब वह अपने घर पहुंचे तो उन्हें पता चला कि घर में रखा गैस सिलेंडर पूरी तरह खाली हो चुका है।
परिवार के अनुसार खाना बनाने के लिए गैस उपलब्ध न होने से घर में तुरंत संकट की स्थिति पैदा हो गई। बैसाखी राम ने तत्काल इंडेन गैस एजेंसी से संपर्क किया और कई बार फोन कर अपनी समस्या बताई। उनके मोबाइल पर लगातार संदेश प्राप्त हुए जिनमें कहा गया कि यदि वह पात्र ग्राहक हैं तो चार घंटे के भीतर बुकिंग रेफरेंस नंबर मिल जाएगा तथा अनुरोध चौबीस घंटे के भीतर प्रक्रिया में ले लिया जाएगा।
इसके बावजूद जब बैसाखी राम निर्धारित तारीख और नंबर के अनुसार सिलेंडर लेने पहुंचे तो एजेंसी की ओर से कथित रूप से उन्हें यह कहकर मना कर दिया गया कि अभी सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। इस जवाब से वह बेहद परेशान हो गए क्योंकि उनकी शारीरिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह बार बार एजेंसी के चक्कर लगा सकें।
बताया जा रहा है कि गैस सिलेंडर न मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में बाहर से खाना पीना करना पड़ रहा है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में बाहर का भोजन उनके स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकता है। परिवार वालों का कहना है कि इस लापरवाही से मरीज की तकलीफ और बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को आवश्यक घरेलू सुविधाएं समय पर मिलनी चाहिए। गैस सिलेंडर जैसी मूलभूत जरूरत में देरी होना प्रशासन और संबंधित एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
बैसाखी राम ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि उन्हें समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए ताकि उन्हें बार बार परेशान न होना पड़े। उनका कहना है कि बीमारी के चलते वह इतना संघर्ष नहीं कर पा रहे हैं और प्रशासन को मानवता के आधार पर उनकी मदद करनी चाहिए।
अब देखने वाली बात यह होगी कि संबंधित विभाग और गैस एजेंसी इस मामले में कितनी जल्दी संज्ञान लेकर राहत पहुंचाती है।

