मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो कठिन परिस्थितियों में भी हौसले और सपनों की मिसाल बन रही है। रूप छपरा उर्फ सारंगपुर गांव के रहने वाले 11 वर्षीय आदित्य कुमार अपने माता-पिता के साये के बिना जीवन बिता रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका आत्मविश्वास और कुछ अलग करने की चाह लोगों का ध्यान खींच रही है। छोटे से मोबाइल फोन से खुद ही वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करने वाले आदित्य की कहानी अब धीरे-धीरे लोगों तक पहुंचने लगी है।
आदित्य कुमार फिलहाल अपने रिश्तेदारों के साथ रहते हैं। परिवार की सदस्य रानी देवी, जो अरविंद की पत्नी हैं, ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आदित्य के माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। माता-पिता के निधन के बाद से ही वह परिवार के सहारे पल-बढ़ रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार होने के बावजूद आदित्य ने हिम्मत नहीं हारी और अपने छोटे-से मोबाइल फोन से लगातार वीडियो बनाकर अपनी प्रतिभा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
रानी देवी का कहना है कि आदित्य को वीडियो बनाना बेहद पसंद है। वह अपने आसपास के माहौल, रोजमर्रा की गतिविधियों और छोटे-छोटे अभिनय के जरिए वीडियो तैयार करता है। कई बार वह खुद ही कैमरा सेट करता है और फिर अलग-अलग अंदाज में वीडियो रिकॉर्ड करता है। परिवार का कहना है कि संसाधनों की कमी के बावजूद आदित्य का उत्साह कम नहीं होता और वह हर दिन कुछ नया करने की कोशिश करता है।
परिवार के अनुसार आदित्य की सबसे बड़ी इच्छा है कि उसके वीडियो ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचें और लोग उसकी प्रतिभा को पहचानें। रानी देवी ने कहा कि वह चाहती हैं कि आदित्य का वीडियो वायरल हो ताकि समाज के लोग उसकी मदद के लिए आगे आएं और इस बच्चे के सपनों को पंख मिल सकें।
ग्रामीणों का कहना है कि इतनी कम उम्र में और माता-पिता के बिना भी जिस तरह से आदित्य अपने दम पर कुछ करने की कोशिश कर रहा है, वह काबिल-ए-तारीफ है। गांव के कई लोग भी उसकी हौसला-अफजाई करते हैं और चाहते हैं कि उसे आगे बढ़ने का मौका मिले।
अब परिवार और गांव के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि आदित्य की कहानी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे और कोई संस्था या समाजसेवी उसकी पढ़ाई और प्रतिभा को आगे बढ़ाने में मदद करे। फिलहाल छोटा सा यह बच्चा अपने मोबाइल कैमरे को ही अपना साथी बनाकर सपनों की दुनिया गढ़ने में जुटा हुआ है।

