नई दिल्ली। राजधानी के आउटर नॉर्थ जिले के शाहबाद डेयरी थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बकरी चोरी की घटना में न सिर्फ लाखों का नुकसान हुआ, बल्कि पीड़ित को अब तक न्याय भी नहीं मिल सका। उल्टा, पुलिस पर ही समझौते का दबाव बनाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, साईं राम कॉलोनी, शाहबाद दौलतपुर निवासी अनिल ने 4 दिसंबर 2025 को अपने घर से 13 बकरियों की चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। चोरी की यह वारदात रात 1 बजे से सुबह 4 बजे के बीच हुई, जिसमें 7 नर और 6 मादा बकरियां अज्ञात चोर उठा ले गए। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
हालांकि घटना को कई महीने बीत जाने के बावजूद न तो चोरों की गिरफ्तारी हो सकी है और न ही पीड़ित को कोई मुआवजा मिला है। इससे भी ज्यादा गंभीर आरोप यह है कि पुलिस ने फरियादी पर ₹30,000 लेकर समझौता करने का दबाव बनाया। जबकि पीड़ित का कहना है कि चोरी की कुल कीमत लाखों में है।
पीड़ित अनिल का आरोप है कि मामले में पर्याप्त सबूत और संदिग्धों की जानकारी होने के बावजूद पुलिस कार्रवाई करने में लगातार लापरवाही बरत रही है। उन्होंने कहा कि “मैं इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहा हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। पुलिस खुद समझौता करने को कह रही है, जो बेहद निराशाजनक है।”
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतने समय बीतने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो चोरों को पकड़ा जा सकता था।
इस पूरे मामले ने कानून व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब पीड़ित और स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और संबंधित पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो।
यह मामला न केवल चोरी की एक घटना है, बल्कि न्याय व्यवस्था में भरोसे की परीक्षा भी बनता जा रहा है। अगर समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है।

