औरैया जिले के अयाना थाना क्षेत्र से कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देने और दबंगई का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भूरेपुर खुर्द गांव निवासी बलराम पुत्र बाबूराम ने क्षेत्राधिकारी औरैया को प्रार्थना पत्र देकर गांव के ही कई लोगों पर विवादित जमीन पर जबरन कब्जा करने, कोर्ट के स्टे ऑर्डर को फाड़ने और विरोध करने पर लाठी-डंडों से हमला कर गंभीर रूप से घायल करने का आरोप लगाया है।
पीड़ित बलराम पाल के अनुसार, 15 मई 2026 की सुबह करीब 10 बजे वह अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान गांव के संदीप पाल, अनिल, सत्यदेव, सत्यवीर, प्रदीप ,विनोद, प्रमोद समेत कई लोग उनके विवादित प्लाट पर पहुंच गए और जबरन निर्माण कार्य शुरू कर दिया। जब बलराम ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने अभद्रता शुरू कर दी।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि उक्त जमीन का मामला सिविल जज सीडी औरैया न्यायालय में विचाराधीन है। मामले में बाद संख्या 174/2008 “केशकली बनाम अनिल कुमार आदि” चल रहा है, जिसमें न्यायालय द्वारा स्टे ऑर्डर भी जारी किया गया है। बलराम का कहना है कि उन्होंने आरोपियों को कोर्ट के आदेश की जानकारी दी, लेकिन दबंगों ने कानून और न्यायालय दोनों को चुनौती देते हुए स्टे ऑर्डर छीनकर फाड़ डाला।
आरोप है कि दबंगों ने खुलेआम कहा कि वे किसी न्यायालय के आदेश को नहीं मानते और हर हाल में जमीन पर कब्जा करेंगे। विरोध करने पर सभी आरोपियों ने हाथों में लिए लाठी-डंडों से बलराम पर हमला बोल दिया। पीड़ित को बेरहमी से पीटा गया, गालियां दी गईं और बाल पकड़कर सड़क तक घसीटा गया।
घटना के दौरान बलराम की पुत्री कीमती अपने पिता को बचाने के लिए मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपियों का आतंक इतना था कि किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। शोर-शराबा सुनकर गांव के राजेन्द्र सिंह पुत्र दुलारे सिंह, हरनाब सिंह पुत्र सोबरन सिंह समेत कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को आता देख आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
पीड़ित का आरोप है कि हमले में उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद वह थाना अयाना पहुंचे, लेकिन वहां उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई और उन्हें थाने से भगा दिया गया। इसके बाद उन्होंने क्षेत्राधिकारी औरैया को शिकायती पत्र देकर मेडिकल परीक्षण कराने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
बलराम पाल का कहना है कि वह लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि आरोपी आए दिन उनके घर पहुंचकर गाली-गलौज और धमकी दे रहे हैं, जिससे पूरा परिवार दहशत में है।
घटना के बाद गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो कभी भी बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है। फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय और सुरक्षा की मांग कर रहा है।

