सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी हाई कोर्ट को दे दिया बड़ा निर्देश, 3 महीने के भीतर लंबित फैसला सुनाने को कहाभारत की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले को सुनाने में देरी को रोकने के लिए देश की सभी हाई कोर्ट को बाध्यकारी निर्देश जारी कर दिया है। जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस निर्देश को जारी किया है।
क्या है पूरा मामला?
भारत के CJI सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने सभी हाई कोर्ट को तीन महीने के भीतर लंबित फैसला सुनाने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जमानत आदेश उसी दिन या फैसले होने पर अगले दिन सुनाया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालतों को नियमित जमानत आदेशों की तत्काल सूचना देने का भी निर्देश दिया है।
फैसले 24 घंटे के भीतर वेबसाइट पर अपलोड होंगे
सुप्रीम कोर्ट ने कहा अपने आदेश में कहा है कि जमानत प्राप्त विचाराधीन कैदियों को औपचारिकताओं के अधीन उसी दिन रिहा किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी निर्णय सुनाए जाने के 24 घंटे के भीतर हाई कोर्ट की वेबसाइटों पर अपलोड किए जाने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि निर्णय के मुख्य भाग के सुनाए जाने की तिथि को ही फैसला सुनाए जाने की तिथि माना जाएगा
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि हाई कोर्ट प्राथमिक संस्थाएं हैं जहां हजारों लोग न्याय पाने के लिए आते हैं और समय पर निर्णय सुनाना आवश्यक है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि ये निर्देश किसी भी जज या संस्था पर लांछन लगाने के उद्देश्य से नहीं हैं।

