Asaduddin Owaisi ने Telangana में शुरू होने जा रही SIR प्रक्रिया को जिंदगी और मौत का मसला बताते हुए इमोशनल अपील की। हैदराबाद में आयोजित AIMIM की बैठक में असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ी बातें कहीं।हैदराबाद: तेलंगाना में 25 जून से SIR की प्रक्रिया शुरू होने वाली है और इस बीच, AIMIM के चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना के लोगों से भावुक अपील की है। असदुद्दीन ओवैसी ने साफ कहा कि मैं इमोशनल बात नहीं कर रहा लेकिन SIR हमारे लिए जिंदगी और मौत का मसला है। इसके साथ ही, असदुद्दीन ओवैसी ने ये भी बताया कि जो लोग पढ़े-लिखे नहीं हैं और उन्हें फॉर्म भरने में दिक्कत आए तो वह क्या कर सकते हैं।
ओवैसी ने SIR को बताया जिंदगी-मौत का मसला
हैदराबाद में AIMIM की मीटिंग में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘चूंकि यह मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के जिम्मेदार लोगों की मीटिंग है, न कि कोई आम बैठक, इसलिए आप सभी से मेरी अपील है कि तेलंगाना में SIR 25 जून से शुरू होगा। इसे गंभीरता से लें। मैं यह बात आपको डराने या भावुक करने के लिए नहीं कह रहा हूं, बल्कि यह जिंदगी और मौत का मसला है।’
SIR को बड़े सीरियस तरीके से लीजिए- ओवैसी
असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा, ‘SIR जब 25 जून से शुरू होगा, तो वोटर्स के घर पर, Enumerator Form के साथ बूथ लेवल ऑफिसर आएगा। और वो फॉर्म उस घर पर, उस वोटर के घर पर या वोटर को देकर जाएगा। मैं वोटर्स से अपील कर रहा हूं कि SIR को बड़े सीरियस तरीके से लीजिए। ये बड़ा अहम मसला है।’
फॉर्म भरना नहीं आता है तो क्या करें?
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘जब आपको BLO फॉर्म देगा, तो आप उस फॉर्म को पढ़िए। अगर आपको पढ़ना नहीं आता तो आप मजलिस के जिम्मेदार, जो BLA हैं, या फिर किसी अपने जानकार को जिसपर आपको भरोसा है, उनको बताइए। और ये देखिए कि मैपिंग सही तरीके से हुई या नहीं हुई है।’
असदुद्दीन ओवैसी ने की AIMIM कार्यकर्ताओं की तारीफ
असदुद्दीन ओवैसी बोले, ‘पूरे भारत में अगर किसी सियासी जमात ने वोटर्स के नाम को SIR में शामिल कराने के लिए काम किया और कर रही है, तो उस पार्टी का नाम मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन है। हमने ऐप बनाया और दफ्तर से मजलिस ने ट्रेनिंग भी दी। यहां पर लोग आते हैं, अपना नाम 2002 के वोटर लिस्ट में चेक करते हैं, और उनकी मैपिंग की जाती है।’
SIR क्या है?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR, चुनाव आयोग की तरफ से Voter List को पूरी तरह से शुद्ध, सटीक और अपडेटेड करने के लिए चलाया जाने वाला खास अभियान है। इसके अंतर्गत बूथ लेवल के अधिकारी घर-घर जाकर वोटर्स के डेटा का Physical Verification करते हैं।

