मानसून में संक्रमण, पाचन संबंधी विकार और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं काफी बढ़ जाती है। डॉक्चर मिथुन मजूमदार के अनुसार, खान-पान, साफ-सफाई और लाइफस्टाइल में कुछ आदतों को शामिल कर लिया जाए तो बारिश में होने वाली स्वस्थ समस्याओं को काफी कम किया जा सकता है।
मानसून में अक्सर पानी और खाने से होने वाली बीमारियां ज्यादा होती हैं। ऐसे में आपको शुद्ध, उबला हुआ पानी पीना चाहिए। लंबे समय तक खुले में रखे खाने से बचना चाहिए। ताजा घर का बना खाना खाएं और बासी रखे हुए खाने से बचें। फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही स्टोर करें।
बरसात के मौसम में आपको ओवरऑल हेल्थ पर ध्यान देने की जरूरत है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए फल और सब्जियों का सेवन करें। ऐसे फल सब्जियां खाएं जिनमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट ज्यादा पाए जाते हैं। इस मौसम में सूप, खिचड़ी और ताजी सब्जियों से बना हल्का खाना खाएं। तले हुए भोजन और ठंडे ड्रिंक से बचें।
इस मौसम में साफ-सफाई का बहुत ख्याल रखें। खाना खाने से पहले और बाहर से लौटने के बाद साबुन से हाथ धोएं। साबुन न हो तो आप हैंड सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करें। आसपास भी स्वच्छता बनाए रखें। पानी को जमा होने से बचाएं और मच्छर से बचने की लिए उचित उपाय जरूर करें।
मानसून में भले ही प्यास कम लगे लेकिन दिनभर में भरपूर पानी पीएं। भरपूर आराम करें, तनाव कम करें और घर के अंदर की जाने वाली शारीरिक गतिविधियां या कोई व्यायाम करें। घर का बना खाना खाएं और खुद को फिजिकली एक्टिव रखने की कोशिश करें।

