अप्रैल 2025 में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया था। इस हमले में कुल 26 लोगों की मौत हो गई थी। बाद में भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में आतंकी ठिकाने तबाह किए थे।
पहलगाम आतंकी हमले में लश्कर-ए-तैबा प्रमुख हाफिज सईद को भी आरोपी बनाया गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने सोमवार को पहलगाम आतंकी हमले के मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें पाकिस्तान में रहने वाले आतंकवादी हाफिज सईद को आरोपी के रूप में नामित किया है। एनआईए ने जम्मू स्थित विशेष न्यायालय में चार्जशीट दायर की है। हाफिज सईद पर इस हमले में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने के आरोप है। इसके अलावा प्रतिबंधित संगठन लश्कर ए तैयबा और उसके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ने भी इस हमले में अहम भूमिका निभाई थी। इन दोनों संगठन में हाफिज सईद का अहम योगदान है।
हाफिज सईद पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। एनआईए ने चाजशीट में हाफिज सईद के खिलाफ भारत के विरुद्ध युद्ध छेड़ने और सीमा पार से साजिश रचने के लिए भी दंडात्मक धाराएं लगाई हैं। 1597 पेज की चार्जशीट में पाकिस्तान की साजिश, सईद की भूमिका और एनआईए द्वारा मामले में गहन वैज्ञानिक जांच और जमीनी परीक्षण के माध्यम से जुटाए गए सबूतों का विवरण दिया गया है।
साजिद जट्ट पर भी हैं आरोप
एनआईए ने 15 दिसंबर, 2025 को दायर अपनी पिछली चार्जशीट में पाकिस्तानी हैंडलर साजिद जट्ट को आरोपी के रूप में नामित किया था। इसके साथ ही जुलाई 2025 में ऑपरेशन महादेव के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए तीन आतंकवादियों और दो गिरफ्तार आरोपियों के नाम भी शामिल थे। इसमें प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैबा/टीआरएफ आतंकवादी संगठन पर पहलगाम आतंकी हमले की योजना बनाने, उसे सुविधाजनक बनाने और उसे अंजाम देने में उसकी भूमिका के लिए एक कानूनी इकाई के रूप में आरोप भी लगाया गया।
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुआ था आतंकी हमला
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों ने पर्यटकों पर हमला किया था। आतंकियों ने धर्म पूंछकर लोगों की हत्याएं की थी। इसमें 25 निर्दोष पर्यटक और एक स्थानीय नागरिक की मौत हुई थी। आतंकियों ने महिलाओं और बच्चों के सामने उनके पिता और पति की हत्या की थी। इस मामले में पहले पहलगाम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद गृह मंत्रालय ने मामला एनआईए को सौंप दिया था। बयान में कहा कि पाकिस्तान सीमा पार से भारतीय धरती पर आतंकवाद को सक्रिय रूप से प्रायोजित कर रहा है। ऐसे में एनआईए इस मामले की जांच जारी रखे हुए है ताकि पाकिस्तान द्वारा रची गई पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।

