YouTube के विज्ञापन के झांसे में आया युवक, पिकअप गाड़ी के नाम पर 90 हजार की ठगी; पैसा मांगने पर मिली जान से मारने की धमकी, अब घर बेचने की नौबत

Date:

दमोह (मध्य प्रदेश)।
मध्य प्रदेश के दमोह जिले से ऑनलाइन ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां यूट्यूब पर पिकअप गाड़ी का विज्ञापन देखकर संपर्क करना एक युवक को भारी पड़ गया। आरोप है कि गाड़ी दिलाने के नाम पर उससे 90 हजार रुपये एडवांस ले लिए गए, लेकिन न तो गाड़ी दी गई और न ही पैसा वापस किया गया। इतना ही नहीं, जब पीड़ित ने अपनी रकम लौटाने की मांग की तो उसे कथित तौर पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस घटना के बाद युवक आर्थिक और मानसिक रूप से टूट गया है और अब हालात ऐसे बन गए हैं कि उसे अपना घर बेचने तक की नौबत आ गई है।

मामला दमोह जिले के बम्होरी भाट क्षेत्र का है। यहां के रहने वाले 24 वर्षीय रामकुमार अहिरवार, पिता प्रेमलाल अहिरवार ने बताया कि 26 अगस्त 2024 को उन्होंने यूट्यूब पर पिकअप गाड़ी बेचने का एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में “कार बाजार” नाम से गाड़ी बेचने की जानकारी दी गई थी। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर सामने वाले व्यक्ति ने अपना नाम इरफान अंसारी बताया और खुद को जबलपुर का रहने वाला बताया।

रामकुमार के अनुसार बातचीत के दौरान पिकअप गाड़ी की कीमत 5 लाख 30 हजार रुपये तय हुई। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि अगर वह डाउन पेमेंट कर देंगे तो तीन दिन के भीतर गाड़ी उन्हें सौंप दी जाएगी। इस भरोसे में आकर रामकुमार ने 26 अगस्त 2024 को 90 हजार रुपये एडवांस के रूप में दे दिए। इस पूरे लेन-देन का वीडियो भी उन्होंने रिकॉर्ड किया था, जिसे बाद में उन्होंने मीडिया तक पहुंचाया है।

पीड़ित का कहना है कि आरोपी ने तीन दिन के अंदर गाड़ी देने का वादा किया था, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी गाड़ी नहीं दी गई। जब रामकुमार ने फोन करके गाड़ी के बारे में पूछा तो आरोपी टालमटोल करता रहा। बाद में जब उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर गाड़ी नहीं दे सकते तो उनका पैसा वापस कर दिया जाए, तो आरोपी ने कथित तौर पर साफ कह दिया कि न गाड़ी मिलेगी और न ही पैसा वापस होगा।

रामकुमार का आरोप है कि जब उन्होंने इस मामले में शिकायत और कार्रवाई की बात कही तो आरोपी ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि अगर ज्यादा शिकायत की तो गोली मार दी जाएगी और किसी को कुछ बताया तो गंभीर अंजाम भुगतना पड़ेगा।

पीड़ित युवक का कहना है कि उसने यह पैसा कर्ज लेकर दिया था। वह पहले दूसरे की गाड़ी चलाकर सब्जी मंडी में काम करता था और इसी उम्मीद में पिकअप गाड़ी खरीदना चाहता था कि अपनी गाड़ी होने से उसकी रोजी-रोटी बेहतर हो सकेगी। लेकिन इस ठगी के बाद उसकी सारी जमा पूंजी खत्म हो गई और वह भारी कर्ज में डूब गया।

रामकुमार का कहना है कि आर्थिक तंगी इतनी बढ़ गई है कि अब उन्हें अपना घर बेचने तक की नौबत आ गई है। परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी के बीच वह पूरी तरह से टूट चुके हैं और लगातार प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

पीड़ित रामकुमार अहिरवार ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और या तो उन्हें उनकी वादा की गई गाड़ी दिलाई जाए या फिर उनके 90 हजार रुपये वापस दिलाए जाएं, ताकि वह फिर से अपने काम को शुरू कर सकें और अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_imgspot_img

Popular

More like this
Related