जौनपुर।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के तुल्लापुर रेहटि गांव में जमीन विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। गांव की निवासी कांति देवी पत्नी बखेडु पाल ने पड़ोसियों पर उनकी आबादी और बंजर जमीन पर जबरन कब्जा करने तथा परिवार को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार वर्ष 2012 से यह विवाद चला आ रहा है, लेकिन बीते कुछ वर्षों में मामला और अधिक उग्र हो गया है।
कांति देवी का कहना है कि वर्ष 2020 के बाद से विपक्षी पक्ष ने दबंगई दिखाते हुए जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिशें तेज कर दीं। उन्होंने आरोप लगाया कि तीसरी पार्टी प्रमोद यादव पुत्र श्यामलाल यादव और विशाल यादव पुत्र संजय यादव कथित रूप से प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन अपने नाम कराने की साजिश रच रहे हैं। पीड़िता का दावा है कि आरोपियों का उठना-बैठना कथित तौर पर दबंग प्रवृत्ति के लोगों के साथ है, जिससे वे किसी से डरते नहीं हैं।
पीड़िता ने बताया कि 19 फरवरी 2026 को आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और खुलेआम जमीन को अपनी बताते हुए परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। उनका आरोप है कि पैसे और रसूख के बल पर झूठी शिकायतें दर्ज कराकर उन्हें कानूनी रूप से भी परेशान किया जा रहा है।
कांति देवी ने यह भी कहा कि उनकी जमीन के बीच से वर्षों पुराना आने-जाने का रास्ता निकला है, जिसे अब अवरुद्ध किया जा रहा है और परिवार को आने-जाने नहीं दिया जा रहा। इतना ही नहीं, परिवार को पानी भरने से भी रोका जा रहा है। उनका आरोप है कि घर के पास लगे नल से भी पानी लेने नहीं दिया जा रहा, जिससे उनका परिवार बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करने को मजबूर है। मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह गुजर-बसर करने वाले इस गरीब परिवार का कहना है कि उन्हें हर स्तर पर प्रताड़ित किया जा रहा है।
पीड़िता का कहना है कि वे लगातार थाना और उच्च अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि विपक्षी पक्ष प्रभावशाली होने के कारण प्रशासनिक स्तर पर भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। परिवार ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो गांव में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।
फिलहाल गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, अवैध कब्जे पर तत्काल रोक और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और उनकी जमीन सुरक्षित रह सके।

