पट्टे का मकान हड़पने का आरोप दलित विधवा को जातिसूचक गालियां, जान से मारने की धमकी; अफसरों के चक्कर काटती रही पीड़िता

Date:

दतिया | इंदरगढ़
इंदरगढ़ नगर परिषद क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। अनुसूचित जाति की गरीब विधवा महिला ने आरोप लगाया है कि शासन से मिले पट्टे के मकान पर दबंग ने अवैध कब्जा कर लिया। विरोध करने पर जातिसूचक गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़िता वर्षों से पुलिस, तहसील, नगर परिषद और जिला प्रशासन के दफ्तरों के चक्कर काट रही है, लेकिन कार्रवाई शून्य है।
60 साल पुराना पट्टा, फिर भी बेदखली
पीड़िता गुड्डी जाटव (पत्नी पातीराम जाटव), वार्ड क्रमांक-5 राजा का बाग, इंदरगढ़ निवासी है। उसका कहना है कि करीब 60 वर्ष पहले शासन ने पट्टे पर मकान आवंटित किया था। घरेलू विवाद के चलते वह कुछ समय बच्चों के साथ मायके गई—इसी दौरान आरोपी ने साजिश कर कब्जा कर लिया।
शराब पिलाकर खाली कागजों पर हस्ताक्षर
आरोप है कि हनुमंत यादव और प्रितपाल यादव (निवासी कुईकुआ, थाना गोदन, तहसील भांडेर) ने पीड़िता के पति को शराब पिलाकर खाली दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए और उसी के आधार पर मकान हथिया लिया।
धमकी: “हटी तो मरवा देंगे”
पीड़िता के मुताबिक, मकान खाली कराने की बात करने पर आरोपी और उसके साथियों ने अपमानित किया, जातिसूचक शब्द कहे और धमकी दी—“यहां से हट जा, नहीं तो शराब पिलाकर तुझे भी मरवा देंगे।” महिला को जान का खतरा बताया जा रहा है।
शिकायतें बहुत, कार्रवाई नहीं
पीड़िता ने थाना इंदरगढ़, हरिजन थाना दतिया, तहसीलदार, नगर परिषद अध्यक्ष, एसडीएम और कलेक्टर तक कई लिखित शिकायतें दीं। हर बार आश्वासन मिला, लेकिन कब्जा नहीं हटा और मामला दर्ज नहीं हुआ।
समग्र परिवार कार्ड भी सबूत
महिला का समग्र परिवार कार्ड शासन के रिकॉर्ड में दर्ज है, जिसमें उसका नाम स्पष्ट है। इसके बावजूद कार्रवाई न होना प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े करता है।
क्या कहती है मांग
पीड़िता ने मांग की है कि
मकान से तत्काल अवैध कब्जा हटाया जाए,
आरोपी पर एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम सहित धाराओं में केस दर्ज हो,
पीड़िता और परिवार को सुरक्षा दी जाए।

क्या है पुरा मामला

किराये का मकान खाली न करने पर पंचनामा, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

गांव बासियो (तहसील शाम, जिला दतिया) में किराये के मकान को खाली न करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा पंचनामा तैयार कर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की गई है।
पंचनामा में बताया गया कि खुशीराम (जाति प्राप्ख) ने अपना मकान बलवंत को 5,000 रुपये प्रतिमाह किराये पर दिया था। बाद में मकान के वास्तविक स्वामी श्रीमती गुड्डी देवी (जाख/पर्याल पातीराय जाबी) ने मकान खाली करने को कहा, लेकिन बलवंत ने कथित रूप से पेड़ काटने व अन्य दुरुपयोग के आरोपों के बावजूद मकान खाली नहीं किया।
ग्रामीणों का कहना है कि वे कृषि कार्य के लिए बाहर गए थे, इसी दौरान किरायेदार ने मकान पर कब्जा बनाए रखा। बार-बार कहने के बावजूद मकान खाली नहीं किया गया, जिससे विवाद बढ़ गया।
मकान खाली करवाने के लिए मौके पर पंचनामा तैयार किया गया और संबंधित अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की मांग की गई।
पंचनामा पर हस्ताक्षर करने वालों में
रमेश, देवलाल, रवि, जितेंद्र चौधरी, गोरी, गौरी तथा रामस्वरूप मंडेलिया (अध्यक्ष, नगर परिषद इंदरगढ़) शामिल हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर शीघ्र समाधान की अपील की है।

पीड़िता का कहना है कि उसने उच्च अधिकारियों तक गुहार लगा ली है, अब मुख्यमंत्री से मीडिया के जरिए न्याय की अपील कर रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_imgspot_img

Popular

More like this
Related