इंदौर।
इंदौर के एकता नगर क्षेत्र से रिश्तों की मर्यादा को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। 30 साल पुरानी शादीशुदा महिला आशा ने अपने पति इंदर और उसकी कथित दूसरी पत्नी सोनू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि पति ने वर्षों पहले घर छोड़ दिया, दूसरी महिला के साथ रहने लगा, उसकी संपत्ति उसी के नाम कर दी और अब पहली पत्नी व बेटे को प्रताड़ित किया जा रहा है।
आशा ने बताया कि करीब 20 साल पहले वह अपने पति इंदर के साथ गणेश नगर, खंडवा नाका के पास किराए के मकान में रहती थीं। पास में ही एकता नगर में ससुराल का मकान था, लेकिन ससुराल वालों ने उन्हें वहां रहने नहीं दिया। इसी बीच इंदर अचानक घर छोड़कर राजस्थान चला गया और वहां सोनू नाम की पहले से शादीशुदा महिला के साथ रहने लगा। सोनू की पहले से एक बेटी चांदनी थी और बाद में इंदर और सोनू का भी एक बेटा हुआ। दोनों बड़वानी क्षेत्र में जमीन खरीदकर रह रहे हैं और मकान व गाड़ी भी सोनू के नाम पर बताए जा रहे हैं।
पीड़िता का आरोप है कि यह संबंध करीब 10 साल तक छुपाकर रखा गया। लगभग पांच साल पहले आशा को पता चला कि उसके पति ने सोनू से विवाह कर लिया है और वहीं स्थायी रूप से रह रहा है। जब आशा के बेटे कृष्णा ने पिता से संपत्ति में हिस्सा मांगा तो सोनू ने खुलेआम कहा कि “तेरे बाप को मैंने पाला है, तुझे कुछ नहीं मिलेगा।”
आरोप है कि करीब दो महीने पहले कृष्णा के साथ मारपीट की गई और सोनू की बेटी चांदनी ने झूठी शिकायत दर्ज करवा दी, जिसके चलते कृष्णा को दो दिन तक थाने में बंद रखा गया। आशा का कहना है कि पति पिछले कई वर्षों से न तो उनका खर्च देता है और न ही बेटे व बहू शिवानी की मदद करता है।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि करीब डेढ़ साल पहले इंदर ने आशा को झांसा दिया कि खेत उनके नाम पर कर देगा, लेकिन इसी बहाने बैंक लोन के कागजात पर उनके हस्ताक्षर करवा लिए। अब आशा अपने बेटे कृष्णा और बहू शिवानी के साथ मजबूरी में रह रही हैं, जबकि दूसरी पत्नी सोनू लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है और कृष्णा को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश कर रही है।
पीड़िता का कहना है कि पति पूरी तरह सोनू का पक्ष लेता है और पहली पत्नी व बेटे को नजरअंदाज कर चुका है। आशा ने प्रशासन से न्याय, भरण-पोषण और कानूनी सुरक्षा की मांग की है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और घरेलू हिंसा कानून के तहत कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित पत्नी आशा सिर्फ इतना चाहती है कि प्रशासन उनके कार्यवाही में तत्काल मदद करें ताकि समय उनके बेटे कृष्ण को उनके पिता का हक मिल सके

