दहेज की मांग पूरी न होने पर गर्भवती महिला को घर से निकाला, जबरन गर्भपात और गाली-गलौज का आरोप; पुलिस जांच पर उठे सवाल

Date:

आगरा। शहर के थाना रकाबगंज क्षेत्र से दहेज उत्पीड़न और गर्भवती महिला के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता मुस्कान ने अपने पति समेत ससुराल पक्ष के कई लोगों पर दहेज में पांच लाख रुपये और कार की मांग को लेकर लगातार शारीरिक, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने उसकी बात ठीक से दर्ज नहीं की और मामले को कमजोर किया जा रहा है।

पीड़िता मुस्कान ने पुलिस कमिश्नर को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसकी शादी 3 दिसंबर 2024 को तुषार पुत्र संजू सोनकर निवासी चीलगढ़ चौराहा, थाना रकाबगंज, आगरा के साथ हुई थी। शादी के समय उसके परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार दान-दहेज दिया था। विवाह के शुरुआती समय में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन करीब दो महीने बाद ही ससुराल पक्ष ने पांच लाख रुपये नकद और एक कार की मांग शुरू कर दी।

मुस्कान के अनुसार, पति तुषार, सास अनीता, ससुर संजू सोनकर, ताई सास गुडिया उर्फ ज्योति के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्य भी उसे प्रताड़ित करने लगे। पीड़िता का आरोप है कि ससुर संजू सोनकर, देवर देव सोनकर और लड्डू सोनकर तथा ननद प्राची और सेजल भी उसे गाली-गलौज करते थे और अपमानित करते हुए कहते थे कि वह “नंगे खानदान” की है। सास और बड़ी सास भी लगातार उसे ताने देती थीं और दहेज की मांग पूरी न होने पर घर में न रखने की धमकी देती थीं।

पीड़िता का कहना है कि जब उसने बताया कि उसकी विधवा मां इतनी बड़ी रकम और कार देने में सक्षम नहीं है, तो ससुराल वालों का व्यवहार और अधिक कठोर हो गया। इसी दौरान वह गर्भवती हो गई। आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उसे जबरन दवा खिलाकर 17 जून 2025 को उसका गर्भपात करा दिया। इसके बाद उसका इलाज शहर के नवलकिशोर अस्पताल और एसआर अस्पताल में कराया गया, लेकिन बाद में मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया।

घर से निकाले जाने के बाद मुस्कान करीब दो महीने तक किराए के मकान में रहने को मजबूर रही। बाद में समाज के लोगों के हस्तक्षेप से समझौता हुआ और ससुराल पक्ष उसे वापस घर ले गया। कुछ समय बाद वह फिर से गर्भवती हुई। पीड़िता का आरोप है कि इस बार भी ससुराल पक्ष ने उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया और कहा कि जब तक दहेज की मांग पूरी नहीं होगी, वह बच्चे को जन्म नहीं दे सकती।

मुस्कान ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 की रात करीब 12 बजे उसके साथ फिर मारपीट की गई और उसे केवल पहने हुए कपड़ों में ही घर से बाहर निकाल दिया गया। आरोप है कि इस दौरान उसे गंदी-गंदी गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी भी दी गई। वर्तमान में पीड़िता लगभग चार माह की गर्भवती है और अपने मायके में रह रही है।

पीड़िता का कहना है कि वह ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं है और केवल अपना नाम लिखना जानती है। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी बात सही तरीके से दर्ज नहीं की और अपनी मर्जी से किसी अन्य व्यक्ति से तहरीर लिखवाकर उससे हस्ताक्षर करा लिए।

मुस्कान ने यह भी आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष ने पुलिस में लगभग डेढ़ लाख रुपये देकर मामले को प्रभावित करने की कोशिश की है, जिसके कारण उसकी शिकायत पर सही तरीके से कार्रवाई नहीं हो रही है और केस को कमजोर किया जा रहा है।

पीड़िता के अनुसार, जब वह अस्पताल से गर्भपात से जुड़े दस्तावेज लेने पहुंची तो अस्पताल प्रशासन ने कागज देने से मना कर दिया और कहा कि ऐसे दस्तावेज केवल पुलिस को ही दिए जाते हैं।

मुस्कान ने पुलिस कमिश्नरेट सहित कई स्थानों पर शिकायत दर्ज कराकर मामले की निष्पक्ष जांच और उचित धाराओं में कार्रवाई की मांग की है। उसने प्रशासन से अपील की है कि उसे न्याय दिलाया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

यह मामला एक बार फिर दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

पैसे मांगने पर बिल्डर ने दी धमकी, ठेकेदार ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत

ठाणे। निर्माण कार्य का भुगतान मांगना एक ठेकेदार के...