जैसलमेर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बिजली विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। गांव माडवा के निवासी इकबाल खान ने आरोप लगाया है कि विभाग के अधिकारी मनमानी और एकतरफा कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
शिकायत के अनुसार, अधिशासी अभियंता कार्यालय भणियाना से जुड़े कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के गांव में पहुंचते हैं और बिजली लाइन से जुड़े कार्यों के नाम पर लोगों के घरों में घुसकर अभद्र व्यवहार करते हैं। आरोप है कि ये कर्मचारी खुलेआम गाली-गलौज करते हैं और जबरन वायरिंग तोड़कर चले जाते हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि कर्मचारी रिश्वत की मांग करते हैं। जो लोग पैसे दे देते हैं, उनके साथ सामान्य व्यवहार किया जाता है, जबकि जो लोग पैसे देने से मना करते हैं, उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। इस तरह की घटनाओं से गांव में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस तरह की हरकतें सार्वजनिक रूप से की जाती हैं, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को भी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
24 मार्च 2026 को दी गई इस शिकायत के बाद अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला विभागीय भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग का बड़ा उदाहरण बन सकता है।

