तंत्र, डर और संपत्ति की साजिश: 12 साल तक बहू पर जुल्म, जान बचाकर भागी महिला

Date:

सोलन/बिलासपुर

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों की नींव और इंसानियत दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक महिला ने अपने ही ससुराल पक्ष पर पिछले 12 वर्षों से लगातार मानसिक, शारीरिक और सामाजिक प्रताड़ना देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि यह सब एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया, जिसका मकसद परिवार की संपत्ति पर कब्जा जमाना था।

पीड़िता सुनीता देवी के मुताबिक, उनके चचेरे देवर शीशराम, उसकी पत्नी गोंदा और बेटा अंकुर लंबे समय से उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। आरोप है कि इन लोगों ने उनके पति धनीराम को भी अपने प्रभाव में ले लिया है, जिसके कारण वे पत्नी के खिलाफ खड़े हो गए हैं। महिला का कहना है कि उनके पति की हालत भी लगातार खराब होती जा रही है और वे मानसिक दबाव में जी रहे हैं।

हालात इतने बिगड़ गए कि सुनीता देवी को अपनी जान बचाने के लिए सोलन स्थित अपना घर छोड़ना पड़ा और अब वे बिलासपुर में अपनी भांजी के घर शरण लेकर रह रही हैं। उन्होंने बताया कि आज भी वे डर के साये में जी रही हैं और उन्हें अपनी और अपने परिवार की जान का खतरा बना हुआ है।

महिला ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि ससुराल पक्ष के लोग तंत्र विद्या का सहारा लेकर उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका दावा है कि 13 मार्च 2025 को घर के बाहर तांत्रिक क्रिया करवाई गई, जिसके बाद से उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी और वे सामान्य रूप से खाना तक नहीं खा पा रही हैं।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि देवर शीशराम पहले भी उन पर जानलेवा हमला करने की कोशिश कर चुका है। उसने दरांती से काटने की कोशिश की और कई बार उन्हें डराकर दहशत का माहौल बनाया गया। महिला का कहना है कि मौका मिलते ही आरोपी उन्हें खत्म करने की साजिश रच रहे हैं।

इतना ही नहीं, सुनीता देवी ने दावा किया कि उनके मायके पक्ष के कुछ सदस्यों की भी इसी तरह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है, हालांकि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

महिला ने मदन, जय, शीशराम और गोंदा को मुख्य आरोपी बताया है। इसके अलावा गणपत, रोशन, मुंशी प्रेम, नानक चंद और बाजीरा पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, इस पूरे मामले में अब तक पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि महिला के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद और अंधविश्वास के खतरनाक गठजोड़ का बड़ा उदाहरण बन सकता है।

अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि पीड़िता को न्याय कब तक मिल पाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_imgspot_img

Popular

More like this
Related