जौनपुर जिले के पिथौरा थाना क्षेत्र (थाना चित्रांश) से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 30 वर्षीय सीता देवी अपने ही गांव में असुरक्षा और भय के साये में जीवन बिताने को मजबूर हैं। उनके पति सुनील कुमार पिछले करीब 26 वर्षों से सूरत में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, लेकिन घर और जमीन की सुरक्षा के लिए गांव में मौजूद नहीं हैं।
सीता देवी का आरोप है कि उनके ही पड़ोसी और पाटीदार—राजेंद्र चौहान, गोरेलाल चौहान, रणजीत चौहान, शिवलाल चौहान और संजय चौहान—उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने पहले उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और करीब 10 दिन पहले उनकी मड़ई (झोपड़ी) में आग लगा दी।
इस आगजनी में सीता देवी का पूरा आशियाना जलकर राख हो गया, जिससे वह अपने दो छोटे बच्चों के साथ बेघर हो गई हैं। मजबूरी में अब वह पेड़ के नीचे अस्थायी झोपड़ी बनाकर जीवन यापन कर रही हैं।
सीता देवी ने इस मामले की शिकायत थाना चित्रांश में दर्ज कराई है, लेकिन उनका आरोप है कि अब तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और पीड़ित परिवार लगातार भय के माहौल में जी रहा है।
वहीं, सीता देवी के ससुर लाल जी का कहना है कि आरोपित लोग उन्हें मारते-पीटते हैं और गाली-गलौज करते हैं। उन्होंने बताया कि परिवार पिछले कई वर्षों से उत्पीड़न झेल रहा है और अब हालात बदतर हो चुके हैं।
यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि एक महिला अपने अधिकार और परिवार की सुरक्षा के लिए किस तरह संघर्ष कर रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन कब जागता है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

