खगड़िया/गोगरी। प्रदेश में काम दिलाने का झांसा देकर बुलाए गए एक युवक को सुनसान दियारा इलाके में ले जाकर बेरहमी से पीटने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गंभीर रूप से घायल युवक का इलाज पटना के अस्पताल में चल रहा है, जहां वह जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि नामजद आरोपियों के खिलाफ अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से परिवार दहशत में है।
मामले को लेकर साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के खाँड दियारा निवासी छोटू कुमार ने पुलिस अधीक्षक खगड़िया को आवेदन देकर बताया कि उनके भाई अरुण कुमार यादव को गांव के ही कुछ लोगों ने प्रदेश भेजने के बहाने बुलाया। आरोप है कि ननकू यादव ,राजेश यादव, भीष्मा यादव, संतोष यादव उर्फ मंगल यादव सहित अन्य ने उसे अपने साथ रखा और बाद में गोगरी थाना क्षेत्र के बहादुरपुर दियारा वहियार स्थित सुनसान सड़क किनारे ले गए।
परिजनों का आरोप है कि वहां अरुण की लाठी-डंडों से बुरी तरह पिटाई की गई। जान से मारने की नीयत से उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और उसे अधमरी हालत में छोड़ दिया गया। घटना के बाद घायल को स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलाया गया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पहले खगड़िया, फिर बेगूसराय और अंततः पटना रेफर किया गया। वर्तमान में उसका इलाज आईजीआईएमएस पटना में चल रहा है।
छोटू कुमार ने आरोप लगाया कि घटना को लेकर उनकी मां पूनादेवी द्वारा पहले ही मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है, लेकिन पुलिस की ओर से अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और परिवार को धमकी दे रहे हैं, जिससे पूरे परिवार में भय का माहौल है।
परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है, ताकि परिवार को सुरक्षा मिल सके और पीड़ित को न्याय मिल पाए। इधर, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

