शिमला के SP के सामने डटे रहने वाले दिल्ली पुलिस के ACP राहुल विक्रम कौन हैं? हाईवे पर हाई वोल्टेज ड्रामे के बावजूद नहीं मानी हार

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हिमाचल प्रदेश में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के दौरान कल देर रात हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ। इस पूरे प्रकरण में जो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में आया वो है दिल्ली पुलिस के अधिकारी राहुल विक्रम का।दो राज्यों की पुलिस के बीच सड़क पर हाई वोल्टेज ड्रामा आपने अभी तक केवल फिल्मों में देखा होगा लेकिन ऐसा हिमाचल प्रदेश में देखने को मिला है। AI समिट के दौरान हंगामा करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने पहुंची दिल्ली पुलिस को हिमाचल प्रदेश की पुलिस के भारी विरोध का सामना करना पड़ा है। दोनों पुलिस के बीच देर रात हाईवे पर कई घंटों तक नोकझोंक हुई। हिमाचल की पुलिस ने दिल्ली पुलिस के जवानों को हिरासत में लिया।
चर्चा में हैं राहुल विक्रम
इस पूरे प्रकरण में जो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में आया वो है दिल्ली पुलिस के अधिकारी राहुल विक्रम का। राहुल विक्रम दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल में बतौर एसीपी तैनात हैं। वह 2018 बैच के दानिप्स अधिकारी हैं, उत्तर प्रदेश के उन्नाव के रहने वाले हैं। राहुल विक्रम स्पेशल सेल में लंबे समय से तैनात हैं और काउंटर टेररिज्म यूनिट में तैनात है। उनके नेतृत्व में कई आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने किया है जिसमें झारखंड का अल कायदा मॉड्यूल शामिल है।

कई गैंगस्टर्स को भारत लाने में निभाई सक्रिय भूमिका-
राहुल विक्रम की टीम ने विदेश में बैठे कई गैंगस्टर्स को भारत लाने में सफलता पाई है। सचिन थापन जो सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड था, उसे विदेश से भारत लाने में अहम भूमिका निभाई थी।
काला राणा, जो हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का सबसे खास था, उसे थाईलैंड से भारत लाने की कार्रवाई में भी उनकी टीम शामिल थी। इसके अलावा पंजाब के कई चर्चित गैंगस्टरों की गिरफ्तारी में भी उनकी टीम सहयोगी रही है।
7 लाख के इनामी गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी और उसकी साथी अनुराधा को पकड़ने में भी वह शामिल थे।
आरोपियों को लेकर दिल्ली आ रही पुलिस
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से जुड़े मामले में फिलहाल ताजा अपडेट ये है कि दिल्ली पुलिस अब इन आरोपियों को लेकर दिल्ली ला रही है। थोड़ी देर पहले तीनों का अंबाला में मेडिकल कराया गया है। दिल्ली पुलिस दोपहर 3 बजे तक तीनों आरोपियों को दिल्ली की अदालत में पेश कर सकती है।खाकी Vs खाकी: क्यों इतनी जंग छिड़ी?
इसके पहले दिल्ली पुलिस जब तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद शिमला के रोहड़ू से लेकर निकली तो भारी बवाल हुआ। हिमाचल की पुलिस ने सोलन में दिल्ली पुलिस की टीम को रोक दिया। तीनों को गैर कानूनी तरीके से गिरफ्तार करने का आरोप लगाया। इसके बाद दिल्ली पुलिस फिर शिमला पहुंची। रात डेढ़ बजे जज के सामने पेश किया गया और रात 2 बजे जज ने तीनों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया। उसके बाद दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर दिल्ली रवाना हो पाई।

दिल्ली पुलिस टीम को गुमराह करती रही हिमाचल पुलिस
कल रात को जो ड्रामा हुआ उसको लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक तीनों की देर रात जज के सामने पेशी को लेकर हिमाचल पुलिस जान बूझकर दिल्ली पुलिस टीम को गुमराह करती रही। हिमाचल पुलिस कहती रही कि उन्हें जल्द जज के सामने पेश किया जाएगा। दिल्ली पुलिस को अंदर नहीं जाने दिया गया जब दिल्ली पुलिस को इसका एहसास हुआ तो उन्होंने अंदर जाकर चेक किया तो जज वहां पर मौजूद नहीं थे। इसके बाद काफी देर बाद जज कोर्ट में पहुंचे तो हिमाचल पुलिस को फटकार लगाई गई।

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