वाराणसी में महिला का आरोप: पाटीदारों ने घर में घुसकर कपड़े फाड़े, गहने लूटे

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बच्चों और मजदूरों तक की पिटाई, पुलिस पर पैसे मांगने का गंभीर आरोप

वाराणसी।
कमिश्नरेट वाराणसी के पड़ाव थाना क्षेत्र अंतर्गत सुजाबाद नई बस्ती से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। पीड़िता लीलावती ने अपने ही पाटीदारों पर सामूहिक हिंसा, घर में घुसकर मारपीट, छेड़खानी, लूट और बच्चों पर हमले के आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि वह पिछले कई महीनों से न्याय के लिए थाने, चौकी और उच्च अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

लीलावती के अनुसार वह एक साधारण महिला है और उनके पति बच्चा लाल चौहान मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आरोप है कि पड़ोसी व पाटीदार अजय, रवि, देवी, कल्लू, छोटेलाल चौहान सहित अन्य लोग पारिवारिक जमीन और मकान को लेकर जलन की भावना रखते हैं और पूरे परिवार को बेदखल करने की कोशिश कर रहे हैं।

पीड़िता का आरोप है कि विपक्षी आए दिन गाली-गलौज, ईंट-पत्थर चलाना और जान से मारने की धमकी देते रहते हैं। कई बार डायल 112 पर पुलिस बुलानी पड़ी, लेकिन पुलिस सिर्फ समझा-बुझाकर चली जाती है। एक बार शांति भंग में कार्रवाई भी हुई, लेकिन इसके बाद भी आरोपियों के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया।

सबसे गंभीर घटना 18 नवंबर 2025 और फिर 3 दिसंबर 2025 को हुई। आरोप है कि विपक्षी एकजुट होकर घर में घुस आए, सामान तोड़-फोड़ किया, लीलावती के साथ मारपीट की, अश्लील हरकतें कीं और उनके कपड़े फाड़ दिए। किसी तरह जान बचाकर वह बाहर भागीं और 112 नंबर पर कॉल किया। पुलिस पहुंची, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गए।

पीड़िता का कहना है कि जब उन्होंने चौकी और थाने में शिकायत दी तो कार्रवाई के बजाय उन्हें इधर-उधर टरकाया गया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने खुलकर पैसों की मांग की और कहा गया कि यदि आरोपियों पर कार्रवाई करानी है तो एक लाख रुपये देने होंगे। यही नहीं, चौकी पर कई घंटे बैठाकर छोड़ दिया गया।

3 दिसंबर की शाम एक बार फिर हिंसा की हदें पार हो गईं। जब लीलावती छत पर पाइप ठीक कराने के लिए मिस्त्री और मजदूर बुला रही थीं, तब विपक्षीगण दोबारा हमला कर बैठे। आरोप है कि मिस्त्री और लेबर की पिटाई की गई, उनकी मशीनें, मोबाइल और औजार उठा ले गए। महिला के नाक-कान के गहने, मंगलसूत्र और चांदी की पायल भी लूट ली गई।

पीड़िता का कहना है कि उनके बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं। आए दिन उनके साथ मारपीट होती है और पूरे परिवार में भय का माहौल है। तीन बार से अधिक आवेदन देने के बावजूद मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।

लीलावती ने पुलिस आयुक्त वाराणसी से मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने और कथित रूप से पैसे मांगने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो पूरे परिवार के सामने आत्मघाती स्थिति बन सकती है।

यह मामला न सिर्फ महिला सुरक्षा और घरेलू हिंसा का है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली और गरीब परिवारों को मिलने वाले न्याय पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

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