हमले में मारा गया पूर्व तानाशाह कर्नल गद्दाफी का बेटा सैफ-अल-इस्लाम, जानें कैसे हुई लीबिया के संभावित उत्तराधिकारी की हत्या

Date:

लीबिया के पूर्व तानाशाह रहे कर्नल मुअम्मर गद्दाफी का प्रमुख बेटा और उनका उत्तराधिकारी रहा सैफ-अल-इस्लाम एक हमले में मार दिया गया है।त्रिपोलीः लीबिया के पूर्व तानाशाह रहे कर्नल मुअम्मर गद्दाफी का सबसे प्रमुख बेटा सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी एक हमले में ढेर कर दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 3 फरवरी को पश्चिमी लीबिया के शहर जिंतान में उसके आवास ही अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। जिंतान शहर राजधानी त्रिपोली से लगभग 136 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है।

कौन था सैफ-अल-इस्लाम गद्दाफी?
सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी लीबिया के पूर्व तानाशाह कर्नल मुअम्मर गद्दाफी का प्रमुख बेटा था। 53 वर्षीय सैफ-अल-इस्लाम कर्नल गद्दाफी की हत्या के बाद से ही लीबिया के संभावित उत्तराधिकारियों में गिना जाता था। सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी को उनके पिता मुअम्मर गद्दाफी के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता था। 1969 से 2011 तक लीबिया पर शासन करने वाले कर्नल गद्दाफी के सात बेटों में सैफ सबसे प्रभावशाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाना-पहचाना नाम था। उसने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पीएचडी की डिग्री हासिल की थी और पश्चिमी दुनिया से संबंध सुधारने की कोशिश की। 2011 की लीबियाई क्रांति के दौरान वह पिता की सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था, जहां उसने विरोध प्रदर्शनों को दबाने में हिस्सा लिया। क्रांति के बाद वह 2011 में पकड़ा गया, लेकिन बाद में रिहा हो गया।

साल 2015 में एक अदालत ने सैफ-अल-इस्लाम को उसकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी। हालांकि बाद में वह कोर्ट से बरी हो गया। इसके बाद 2021 में सैफ अल-इस्लाम ने राष्ट्रपति चुनाव में भाग लेने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा और कानूनी मुद्दों के कारण वह सफल नहीं हो सका। वह पिछले एक दशक से जिंतान में रह रहा था और लीबिया की अस्थिर राजनीति में वापसी की कोशिश कर रहा था।

कैसे हुई हत्या?
सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी के राजनीतिक टीम और सलाहकार अब्दुल्लाह उस्मान अब्दुर्रहीम ने फेसबुक पर बयान जारी कर पुष्टि की कि मास्क पहने 4 बंदूकधारियों ने दोपहर के समय सैफ-अल-इस्लाम के घर पर हमला किया। हमलावरों ने पहले सुरक्षा कैमरों को तोड़ दिया और फिर सैफ अल-इस्लाम पर गोलीबारी की। उनकी टीम ने इसे “कायरतापूर्ण और विश्वासघाती हत्या” करार दिया। दावा किया गया कि सैफ अल-इस्लाम ने हमलावरों का मुकाबला किया, लेकिन वे मारे गए। लीबिया के अटॉर्नी जनरल कार्यालय ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है, लेकिन हमले के पीछे के लोगों या मकसद के बारे में अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि यह एक सुनियोजित हमला था, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था को जानबूझकर कमजोर किया गया।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_imgspot_img

Popular

More like this
Related