पूर्वी चंपारण। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के पताही थाना क्षेत्र में जमीन और रास्ते को लेकर विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि पड़ोसी ने बिना जमीन की नापी कराए जबरन पक्का मकान खड़ा कर लिया, जिससे उनके घर में बारिश का पानी भरने लगा है। विरोध करने पर आरोपी द्वारा गाली-गलौज और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने इस पूरे मामले की शिकायत थाना पताही में देकर न्याय की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता जगत साह, पिता स्वर्गीय भीखर साह, पताही थाना क्षेत्र के निवासी हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि गांव के ही विपिन ठाकुर, पिता स्वर्गीय त्रिवेणी ठाकुर, ने उनकी जमीन और घर के पास जबरन निर्माण कर दिया है। पीड़ित का कहना है कि पहले दोनों के घर पास-पास बने हुए थे, जिसमें उनका आधा मकान कच्चा और आधा पक्का है, जबकि आरोपी का घर भी पहले से बना हुआ था।
पीड़ित परिवार के मुताबिक जब वे बीमारी के इलाज के सिलसिले में कुछ समय के लिए बाहर गए हुए थे, उसी दौरान आरोपी ने मौके का फायदा उठाकर अपने मकान का निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया। आरोप है कि बिना किसी सरकारी नापी या सूचना के ही आरोपी ने मकान की ऊंचाई बढ़ाकर पूरा पक्का मकान बना लिया और निर्माण के दौरान उनके घर के पीछे छोड़ी गई खाली जगह और छज्जे को भी नुकसान पहुंचाया।
परिवार का कहना है कि उनके घर के पीछे थोड़ी खाली जगह इसलिए छोड़ी गई थी ताकि बारिश का पानी निकल सके, लेकिन आरोपी ने वहां निर्माण कर रास्ता बंद कर दिया और छज्जे को तोड़कर मलबा उनकी छत और आंगन में फेंक दिया। इसके बाद मकान की ऊंचाई बढ़ा देने से अब बारिश का पूरा पानी पीड़ित के घर में भर जाता है, जिससे उनका कच्चा मकान भी क्षतिग्रस्त होने लगा है।
जगत साह का आरोप है कि जब उन्होंने इस बारे में विपिन ठाकुर से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने उल्टा गाली-गलौज शुरू कर दी और धमकी दी कि अगर ज्यादा विरोध किया तो घर भी तोड़ दिया जाएगा। पीड़ित परिवार का कहना है कि इस घटना के बाद से वे लगातार भय के माहौल में जी रहे हैं।
पीड़ित ने थाना पताही में लिखित आवेदन देकर प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जमीन की नापी कराई जाए और अवैध निर्माण को रोका जाए। साथ ही आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और उनके घर को नुकसान से बचाया जा सके।

