पूर्वी चम्पारण। बिहार के अरेराज क्षेत्र के सलहा गांव की रहने वाली बेबी देवी इन दिनों अपने संघर्ष और हौसले को लेकर चर्चा में हैं। सीमित संसाधनों और पारिवारिक चुनौतियों के बीच बेबी देवी पिछले करीब पांच महीनों से लगातार भोजपुरी, हिंदी और अन्य भाषाओं में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं। उनका सपना है कि उनकी मेहनत लोगों तक पहुंचे, उनके वीडियो वायरल हों और यूट्यूब से होने वाली कमाई के जरिए वह अपने बच्चों का भविष्य बेहतर बना सकें।
बेबी देवी का कहना है कि वह अपने निजी मोबाइल फोन से अकेले ही वीडियो शूट करती हैं। न तो उनके पास कोई टीम है और न ही महंगे उपकरण। गांव के साधारण माहौल में रहकर वह रोज नए कंटेंट पर काम करती हैं। उनका यूट्यूब चैनल “अंकुश राज” नाम से संचालित हो रहा है, जिस पर वह लगातार वीडियो अपलोड कर रही हैं। हालांकि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर बताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक बेबी देवी के पति अच्छे लाल सहनी मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में चार बेटियां और एक बेटा है। बेबी देवी का आरोप है कि उनके पति उन्हें वीडियो बनाने में कोई विशेष सहयोग नहीं करते, जबकि उन्हें यह पूरी जानकारी है कि वह सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। इसके बावजूद बेबी देवी ने हार नहीं मानी और अपने दम पर आगे बढ़ने का फैसला किया।
ग्रामीण परिवेश से निकलकर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पहचान बनाने की कोशिश कर रही बेबी देवी अब चाहती हैं कि लोग उनके वीडियो को ज्यादा से ज्यादा देखें, लाइक करें, शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करें। उनका कहना है कि अगर उनका कंटेंट लोगों तक पहुंचा और चैनल से आमदनी शुरू हुई तो वह अपने बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को बेहतर बना पाएंगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव की महिलाओं के लिए इस तरह सोशल मीडिया पर सक्रिय होना अब भी आसान नहीं माना जाता। ऐसे माहौल में बेबी देवी का अकेले वीडियो बनाना और लगातार मेहनत करना कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकता है। सोशल मीडिया के दौर में अब गांव की महिलाएं भी अपने हुनर और आवाज को दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं।

