अंबाला जिले के चौरमस्तपुर क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ग्रामीण बिजली व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव मस्तपुर निवासी राज कौर ने अपने घर के लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड में नया घरेलू बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किया था, लेकिन महीनों इंतजार के बाद विभाग ने आवेदन रद्द कर दिया।
जानकारी के अनुसार राज कौर ने 26 सितंबर 2024 को सौभाग्य योजना के तहत नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किया था। आवेदन संख्या A34 924 188 के तहत विभाग में ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की गई और 236 रुपये शुल्क भी जमा कराया गया। परिवार को उम्मीद थी कि जल्द ही घर में बिजली पहुंचेगी और रोजमर्रा की परेशानियां खत्म होंगी।
आवेदन में घरेलू उपयोग के लिए एक किलोवाट लोड की मांग की गई थी। आवेदक ने आधार कार्ड समेत जरूरी दस्तावेज भी जमा किए थे। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार लगातार विभागीय कार्रवाई का इंतजार करता रहा।
लेकिन करीब डेढ़ साल बाद विभाग की ओर से आवेदन की स्थिति में बड़ा बदलाव सामने आया। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार कनेक्शन आवेदन को रद्द कर दिया गया। रद्द करने का कारण बताया गया कि आवेदक के घर के ऊपर से हाई टेंशन लाइन गुजर रही है और क्षेत्र प्रभारी की रिपोर्ट के आधार पर सर्विस कनेक्शन आदेश जारी नहीं किया जा सकता।
विभाग ने स्पष्ट किया कि हाई टेंशन लाइन की मौजूदगी सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरा हो सकती है, इसलिए फाइल को निरस्त कर दिया गया। हालांकि जमा की गई राशि वापस कर दी गई है।
इस फैसले के बाद परिवार में नाराजगी और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में पहले से हाई टेंशन लाइन थी तो आवेदन स्वीकार करने और शुल्क जमा कराने से पहले ही स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए थी। लंबा इंतजार कराने के बाद आवेदन रद्द करना आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के लिए लोगों को बार बार विभागीय चक्कर काटने पड़ते हैं। अब परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर घर तक बिजली कैसे पहुंचेगी और क्या विभाग कोई वैकल्पिक समाधान देगा।
मामले ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और तकनीकी जांच प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस परिवार को राहत देने के लिए कोई नया रास्ता निकालते हैं या नहीं।

