देश की खुदरा महंगाई दर जून में बढ़कर 4.38% हुई, 17 महीनों में पहली बार 4% के लक्ष्य से ऊपर निकली मुद्रास्फीति

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खाने-पीने की चीजों के साथ पेट्रोल, डीजल, सीएनजी की ऊंची कीमतों, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और मॉनसून से जुड़ी चिंताओं ने कीमतों पर दबाव बनाया, जिससे खुदरा महंगाई बढ़ गई।
जून में भारत की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.38% हो गई, जो मई में 3.93 प्रतिशत थी। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने सोमवार को महंगाई के आंकड़े जारी किए। खाने-पीने की चीजों के साथ पेट्रोल, डीजल, सीएनजी की ऊंची कीमतों, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और मॉनसून से जुड़ी चिंताओं ने कीमतों पर दबाव बनाया, जिससे खुदरा महंगाई बढ़ गई।

भारतीय रिजर्व बैंक के पास है महंगाई को काबू में रखने की जिम्मेदारी
इसके साथ ही, 17 महीनों में ऐसा पहली बार हुआ है जब देश की खुदरा महंगाई दर, भारतीय रिजर्व बैंक को मिले 4% के लक्ष्य से ऊपर निकल गई है। भारतीय रिजर्व बैंक को 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक की 5 साल की अवधि के लिए खुदरा महंगाई दर को 4% पर बनाए रखने का काम सौंपा गया है। इसके साथ ही, महंगाई दर को 2% से लेकर 6% तक की स्वीकार्य सीमा के भीतर रहने की अनुमति भी दी गई है।

इस साल, कौन-से महीने में कितनी रही खुदरा महंगाई दर
महीना (2026) खुदरा महंगाई दर (%)
जनवरी 2.75
फरवरी 3.21
मार्च 3.40
अप्रैल 3.48
मई 3.93
जून 4.38
मई की तुलना में, जून में बढ़ी खाद्य महंगाई
जून में खाद्य महंगाई दर 5.32% रही, जबकि मई में ये 4.78% थी। ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर 5.45% दर्ज की गई, जबकि शहरी इलाकों में ये 5.09% रही। मई में आलू की कीमतों में 23.71% की गिरावट के मुकाबले, जून में 20.34% की कमी आई। जबकि, टमाटर की कीमतें मई में सालाना आधार पर 48.43% बढ़ने के बाद 31.92% कम गई गईं। जून में खाद्य महंगाई बढ़ने का एक कारण कमजोर मॉनसून भी रहा। अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि अगर ‘अल नीनो’ आने वाले महीनों में फसल उत्पादन पर बुरा असर डालता है, तो कीमतों का दबाव और बढ़ सकता है।

पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट महंगाई दर में भी बढ़ोतरी
जून में ट्रांसपोर्ट महंगाई दर बढ़कर 4.31% हो गई। पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से सप्लाई में आई बाधाओं ने कच्चे तेल की कीमत पर गहरा असर डाला, जिसके बाद सरकारी तेल कंपनियों ने मई के दौरान पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 4 बार बढ़ोतरी की। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होने से महंगाई पर और भी ज्यादा दबाव बढ़ गया। सामान के ट्रांसपोर्टेशन से जुड़ी सेवाओं में महंगाई दर 7.70% रही।

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