अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर बात बनने के साथ-साथ इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर यानी युद्धविराम फिर से लागू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें काफी हद तक नियंत्रण में हैं. इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतें मिडिल ईस्ट तनाव से पहले के स्तर पर आ गई हैं. कच्चे तेल का भाव 76 डॉलर से 80 डॉलर के बीच चल रहा है. ऐसे में पेट्रोल पंप पहुंच रहे लोगों की नजर सबसे पहले रेट चार्ट पर ही जा रही है. कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के बाद उनके मन में यही सवाल है कि भारत में पेट्रोल और डीजल कब तक सस्ता होगा? चूंकि क्रूड ऑयल का बिजनेस फ्यूचर में होता है, यानी फिलहाल जो रेट दिख रहे हैं, उस रेट पर तेल जुलाई और अगस्त डिलीवर के लिए हैं. ऐसे में पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने में अभी देर है. अंतिम निर्णय सरकार और तेल कंपनियां लेंगी. बहरहाल आज शनिवार, 20 जून के लिए सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी कर दिए हैं.
हालांकि आज पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन कई शहरों में पेट्रोल-डीजल के भाव में कुछ पैसों का अंतर देखा जा रहा है. बाइक, कार से लेकर ट्रैक्टर और ट्रक तक, टंकी फुल करवाने से पहले जान लीजिए कि देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल के क्या भाव चल रहे हैं.
आज क्या भाव चल रहा पेट्रोल-डीजल?
तेल कंपनियों की ओर से जारी दरों के मुताबिक, देश की राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बनी हुई है. वहीं, कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये, मुंबई में 111.21 रुपये और चेन्नई में 107.77 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है. बाजार के जानकारों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें कम हुई हैं. हालांकि जब से कीमतें 100 डॉलर/बैरल के आसपास या उससे भी ज्यादा हो गई थीं, तब से सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और हवाई ईंधन (जेट फ्यूल) पर हर दिन करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ रहा है. फिलहाल ये आंकड़ा कुछ कम होकर 650 करोड़ रुपये प्रतिदिन रुपये तक आया है.
बात करें डीजल की तो शनिवार को दिल्ली में डीजल का भाव 95.20 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है. इसके अलावा कोलकाता में ग्राहकों को एक लीटर डीजल के लिए 99.82 रुपये, मुंबई में 97.83 रुपये और चेन्नई में 99.55 रुपये देने पड़ रहे हैं. वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दामों में युद्ध के चलते आए उछाल के बाद अमेरिका-ईरान शांति समझौत के चलते गिरावट आई है, जिससे आगे दाम और कम होने की उम्मीद बढ़ी है

