इंदौर। 422, सिध्दी अपार्टमेंट रामकमल, रेसीडेंसी गांधी नगर, इंदौर, गांधी नगर, इंदौर अर्बन, मध्य प्रदेश, भारत शहर की एक मल्टी में मामूली मेंटीनेंस शुल्क को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पहले मेंटीनेंस के रुपये को लेकर दबाव बनाया गया, फिर महिला के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट की गई। इतना ही नहीं, बाद में कथित तौर पर पांच लोगों को बुलाकर पूरे परिवार पर हमला किया गया। घटना के बाद से पीड़ित परिवार दहशत के माहौल में जीने को मजबूर है और लगातार जान से मारने तथा मल्टी से बेदखल करने की धमकियां मिलने का आरोप लगा रहा है।
थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, 26 जून 2026 की रात करीब साढ़े आठ बजे पीड़िता अपने फ्लैट के बाहर मौजूद थी। इसी दौरान तीन युवक पहुंचे और पानी के मेंटीनेंस के रुपये मांगने लगे। पीड़िता ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए कहा कि पहले मकान की किस्त जमा करनी है, इसके बाद रुपये दे दिए जाएंगे। आरोप है कि इस बात पर तीनों युवक आक्रोशित हो गए और धक्का देकर वहां से जाने लगे। इसी बीच पड़ोसी बलराम धाकड़ ने विरोध किया तो उनके साथ भी कहासुनी और हंगामा किया गया।
पीड़िता का आरोप है कि कुछ देर बाद मल्टी की अध्यक्ष सुनीता वर्मा, उनका बेटा कपिल वर्मा तथा अन्य लोग मौके पर पहुंचे और आते ही मेंटीनेंस की राशि तत्काल जमा करने का दबाव बनाने लगे। रुपये नहीं होने की बात कहने पर सुनीता वर्मा और कपिल वर्मा ने कथित रूप से अश्लील गालियां दीं। विरोध करने पर महिला के बाल पकड़कर खींचे गए और थप्पड़ों से मारपीट की गई। इसी दौरान पीड़िता के पति अनिल सोनी भी काम से लौटकर पहुंचे और बीच-बचाव करने लगे, लेकिन आरोप है कि उनके साथ भी मारपीट की गई।
शिकायत में कहा गया है कि शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी वहां से चले गए। जाते-जाते कथित तौर पर धमकी दी गई कि यदि भविष्य में पानी के मेंटीनेंस के रुपये देने से इनकार किया गया तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा। इस मारपीट में महिला और उसके पति दोनों को हाथ में चोटें आईं। घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के रूप में किरण धाकड़, बलराम धाकड़ के नाम भी सामने आए हैं।
पीड़ित परिवार का कहना है कि मामला दर्ज होने के बाद भी उनकी परेशानियां कम नहीं हुई हैं। आरोप है कि लगातार धमकियां दी जा रही हैं कि उन्हें इस मल्टी में नहीं रहने दिया जाएगा। परिवार की बिजली तक बंद करा दी गई है। पीड़िता का कहना है कि उनके पति रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, लेकिन दबंगों द्वारा लगातार डराया और प्रताड़ित किया जा रहा है। आरोप यह भी है कि लात-घूंसों से मारपीट की गई, अश्लील गालियां दी गईं और पूरे घटनाक्रम के फोटो तथा वीडियो भी उनके पास मौजूद हैं।
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी के रूप में आरक्षक-कार्यवाहक दिनेश जाटव को नियुक्त किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़ित परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि किसी अप्रिय घटना से पहले उन्हें न्याय मिल सके।

