सागर जिले के रहली तहसील अंतर्गत ग्राम मेनाई निवासी 50 वर्षीय किसान अमूल सिंह लोधी ने ट्रैक्टर नामांतरण विवाद में आरोपी पक्ष पर गंभीर सवाल उठाते हुए मांग की है कि लक्ष्मण लोधी द्वारा प्रस्तुत किए गए सभी दस्तावेज सिविल कोर्ट में पेश किए जाएं। किसान का कहना है कि ट्रैक्टर खरीदी और नामांतरण से जुड़े असली दस्तावेज सामने आने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई उजागर हो सकेगी।
अमूल सिंह लोधी के अनुसार, उन्होंने कभी भी अपना ट्रैक्टर नहीं बेचा और ना ही किसी प्रकार का विक्रय अनुबंध किया। उनका आरोप है कि बिना उनकी सहमति, हस्ताक्षर, अंगूठा निशान, आधार कार्ड और फोटो के ट्रैक्टर का नामांतरण कर दिया गया।
पीड़ित किसान ने कहा कि यदि लक्ष्मण लोधी वास्तव में ट्रैक्टर का वैध खरीदार है तो उसे ट्रैक्टर खरीदी से संबंधित सभी दस्तावेज सिविल कोर्ट में प्रस्तुत करने चाहिए। किसान ने मांग की है कि विक्रय पत्र, स्टाम्प पेपर, गवाह, भुगतान संबंधी रिकॉर्ड, फोटो, आधार कार्ड और नामांतरण प्रक्रिया से जुड़े समस्त कागजात न्यायालय के समक्ष रखे जाएं।
किसान का आरोप है कि अब तक जो दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं, वे संदिग्ध और फर्जी प्रतीत होते हैं। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच होना बेहद जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ट्रैक्टर का नामांतरण किन आधारों पर किया गया।
अमूल सिंह लोधी ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और न्यायालय से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि ट्रैक्टर खरीदी से जुड़े वैध दस्तावेज मौजूद हैं तो उन्हें सार्वजनिक रूप से कोर्ट में प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में कार्रवाई की मांग भी की है।
ट्रैक्टर मॉडल एचएमटी जिसका रजिस्ट्रेशन क्रमांक है MP 15 L 2565
यह मामला अब केवल ट्रैक्टर नामांतरण विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सरकारी दस्तावेजों की सत्यता और प्रशासनिक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

