ग्वालियर पुलिस की अनोखी मुहिम ने लोगों का ध्यान खींचा है। पुलिस अब किसी चोरी, डकैती या मर्डर का खुलासा नहीं बल्कि 5 महीने से लापता लड्डू गोपाल को खोज में लग गई है। इसके लिए 3 थानों की स्पेशल SIT गठित की गई है।
मध्य प्रदेश की ग्वालियर पुलिस आमतौर पर हत्या, लूट, डकैती और संगठित अपराध जैसे संगीन और पेचीदा मामलों को सुलझाने के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन करती है, लेकिन इस बार पुलिस महकमे में एक बिल्कुल ही अनोखा और दिलचस्प मामला सामने आया है। ग्वालियर पुलिस के इतिहास में शायद यह पहली बार हो रहा है जब तीन थानों की संयुक्त एसआईटी किसी खूंखार अपराधी की तलाश में नहीं, बल्कि पिछले पांच महीने से लापता ‘लड्डू गोपाल’ की खोज में जुटी है। एक महिला की अटूट आस्था और भावनाओं से जुड़े इस अनोखे मामले ने पुलिस के आला अधिकारियों को भी पूरी संवेदनशीलता के साथ कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है।
5 महीने से दफ्तरों के चक्कर काट रही है महिला
यह पूरी कहानी ग्वालियर के सिटी सेंटर स्थित अलकापुरी की रहने वाली विजया शर्मा की है। विजया शर्मा भगवान श्रीकृष्ण की परम भक्त हैं और अपने लड्डू गोपाल को भगवान नहीं, बल्कि अपने परिवार का एक अहम सदस्य मानती हैं। वह उन्हें हमेशा अपने साथ रखती थीं। घटना इसी साल 29 जनवरी की है, जब विजया अपनी बहन के साथ कोतवाली इलाके की एक सब्जी मंडी में खरीदारी करने गई थीं। इसी दौरान उनके लड्डू गोपाल अचानक कहीं गुम हो गए। विजया ने अपनी तरफ से काफी तलाश की, लेकिन जब उनका कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने भारी मन से पुलिस का दरवाजा खटखटाया। बीते पांच महीनों में विजया शर्मा अपने आराध्य को वापस पाने के लिए कोतवाली थाने से लेकर सीएसपी कार्यालय, एसएसपी कार्यालय और अंत में ग्वालियर रेंज के आईजी दफ्तर तक चक्कर लगा चुकी हैं। विजया का कहना है कि यह लड्डू गोपाल उन्हें बचपन में उनकी नानी ने सौंपे थे, तब से वह उनकी सेवा कर रही हैं। उनके लिए यह सिर्फ एक धातु की मूर्ति नहीं, बल्कि उनकी आत्मा और जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं।
आईजी के निर्देश पर बनी स्पेशल SIT
महिला की इस गहरी आस्था और तड़प को देखते हुए ग्वालियर रेंज के आईजी अरविंद कुमार सक्सेना ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत इस मामले में एक विशेष जांच दल गठित करने के निर्देश दिए। आईजी के आदेश पर सीएसपी किरण अहिरवार ने एक्शन लेते हुए कोतवाली, जनकगंज और माधोगंज इन तीन थानों की पुलिस के अधिकारियों और जवानों को मिलाकर एक संयुक्त एसआईटी तैयार की है। अब यह स्पेशल टीम उस सब्जी मंडी और उसके आसपास के पूरे घटनाक्रम की नए सिरे से जांच कर रही है। पुलिस द्वारा इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है, स्थानीय दुकानदारों से पूछताछ की जा रही है और हर संभावित सुराग जुटाने की कोशिश हो रही है।
चोरी का शक
जांच के दौरान महिला विजया शर्मा ने उस सब्जी विक्रेता पर भी संदेह जताया है, जिससे उन्होंने 29 जनवरी को सामान खरीदा था। महिला का दावा है कि उन्हें इस संबंध में एक सपना भी आया था, जिसमें उन्हें कुछ संकेत मिले हैं। इसके अलावा कुछ स्थानीय लोगों ने भी उन्हें बताया कि उक्त सब्जी विक्रेता ने किसी समारोह में लड्डू गोपाल को लेकर कुछ बातें कही थीं। हालांकि पुलिस बेहद पेशेवर तरीके से काम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि वे बिना किसी जल्दबाजी या निष्कर्ष पर पहुंचे, महिला द्वारा दी गई इन सभी जानकारियों और कड़ियों का बारीकी से वेरिफिकेशन कर रहे हैं।
क्या है पुलिस का कहना?
अरविंद कुमार सक्सेना, आईजी, ग्वालियर रेंज ने इस बारे में बयान जारी किया है,’यह मामला पूरी तरह से एक श्रद्धालु की गहरी आस्था और भावनाओं से जुड़ा हुआ है। इसलिए हमारी पुलिस टीम पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ इस जांच को आगे बढ़ा रही है। एसआईटी का एकमात्र उद्देश्य हर उपलब्ध सुराग का पीछा करना और जल्द से जल्द लड्डू गोपाल को ढूंढकर उस महिला को सौंपना है, ताकि उनकी वर्षों पुरानी श्रद्धा को उनका आराध्य वापस मिल सके।’
