पीड़िता शांति देवी ने आरोप लगाया है कि उनके पड़ोसियों ने पुरानी रंजिश के चलते जानबूझकर इस घटना को अंजाम दिया, जिससे उनका सब कुछ जलकर राख हो गया और परिवार अब खौफ के साये में जीने को मजबूर है।
घटना थाना सुजौली क्षेत्र के ग्राम रामपुरवा कुटिया की है, जहां 27 मार्च 2026 की रात करीब साढ़े तीन बजे शांति देवी अपने परिवार के साथ घर पर सो रही थीं। उसी दौरान अचानक उनके खेत में बने बंगले में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और उसमें रखा घरेलू सामान, अनाज, कपड़े और अन्य जरूरी वस्तुएं जलकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। पीड़िता के अनुसार इस आगजनी से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
शांति देवी ने अपने पड़ोसी मनोज और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विनोद कुमार वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दोनों के साथ पहले से विवाद चल रहा था और उसी रंजिश के चलते उन्होंने यह साजिश रची। पीड़िता का यह भी आरोप है कि घटना के बाद से आरोपी लगातार उनके परिवार को धमका रहे हैं और खुलेआम कह रहे हैं कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता और पुलिस भी उनके प्रभाव में है।
पीड़िता के परिवार ने जब इस मामले की शिकायत लेकर थाने का रुख किया तो वहां से भी उन्हें निराशा हाथ लगी। शांति देवी का आरोप है कि पुलिस ने उनके भतीजे की बात सुनने के बजाय उल्टा उसी पर शक जताया और उचित कार्रवाई नहीं की। इस रवैये से पीड़ित परिवार और अधिक डर गया है।
घटना के बाद से शांति देवी और उनका परिवार गहरे सदमे में है और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। उनका कहना है कि उन्हें कभी भी किसी अनहोनी का डर बना रहता है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
यह मामला न केवल आगजनी बल्कि कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा हर जगह आवेदन दिए जा रहे हैं पर प्रशासन सुन नहीं रहा है और इस पर कोई सुनवाई भी नहीं हो रही है और उल्टा जान से मारने की धमकी दी जा रही है और उनको यहा इस केस से पीछे हटने के लिए कहा जा रहा है

