एक हफ्ते से खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर परिवार; आवास योजना की मांग
बुलंदशहर। जिले के कुचेसर क्षेत्र के नगला उरासैन गांव में बीते दिनों आए तेज आंधी-तूफान ने एक गरीब परिवार की जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दी। गांव निवासी पुनीत राजकुमार, जो स्वर्गीय बिजेंद्र सिंह के पुत्र हैं, का कच्चा मकान तूफान की चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि तेज हवाओं और बारिश के कारण उनके घर की छत और दीवारें टूटकर गिर गईं, जिससे पूरा मकान रहने लायक नहीं बचा।
पीड़ित पुनीत राजकुमार का कहना है कि इस घटना को अब करीब एक सप्ताह हो चुका है, लेकिन अभी तक किसी भी सरकारी विभाग या स्थानीय प्रशासन की ओर से उन्हें कोई मदद नहीं मिली है। उनका परिवार बेहद गरीब स्थिति में जीवन गुजार रहा है और मकान पूरी तरह कच्चा होने के कारण तूफान में सबसे पहले वही प्रभावित हुआ। घर के टूट जाने से परिवार को अब काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पुनीत राजकुमार ने बताया कि उनके घर में दो छोटे बच्चे हैं और लगातार बारिश के कारण मकान में पानी भर जाता है। टूटी हुई दीवारों और छत के कारण परिवार को सुरक्षित रहने के लिए कोई पक्का सहारा नहीं बचा है। मजबूरी में उन्हें अस्थायी तरीके से किसी तरह गुजर-बसर करनी पड़ रही है। गांव के लोगों का कहना है कि परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और कम पढ़ा-लिखा होने के कारण सरकारी योजनाओं की जानकारी और प्रक्रियाओं तक भी उनकी पहुंच नहीं बन पा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यदि समय रहते प्रशासन की ओर से मदद नहीं मिली तो यह परिवार और गंभीर संकट में फंस सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार की स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल राहत दी जाए और सरकारी आवास योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए, ताकि परिवार सुरक्षित जीवन जी सके।
पीड़ित पुनीत राजकुमार ने भी जिला प्रशासन से अपील की है कि उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना या अन्य किसी सरकारी योजना के तहत आवास दिलाया जाए। उनका कहना है कि यदि उन्हें एक पक्का घर मिल जाए तो उनके परिवार को इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से राहत मिल सकेगी और उनके बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित हो पाएगा।