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सेकेंड हैंड ट्रक दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी का आरोप: 6.44 लाख रुपये और दो खाली चेक लेने के बाद गायब, पीड़ित ने थाने में लगाई गुहार

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पटना/बिहटा। बिहार के पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र से सेकेंड हैंड ट्रक खरीदने के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पश्चिम चम्पारण जिले के निवासी एक ट्रक चालक ने आरोप लगाया है कि ट्रक दिलाने का झांसा देकर उससे 6 लाख 44 हजार रुपये और दो खाली चेक ले लिए गए, लेकिन न तो ट्रक दिया गया और न ही पैसे वापस किए गए। मामले को लेकर पीड़ित ने थाना बिहटा में शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

पीड़ित कृष्ण मोहन साह, उम्र लगभग 37 वर्ष, पिता स्वर्गीय रामानंद साह, निवासी रेखा सुन्दर पट्टी टोला मुरतीया, वार्ड नंबर 06, थाना नौतन, जिला पश्चिम चम्पारण के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि वह पेशे से ट्रक चालक हैं और मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बेहतर रोज़गार की उम्मीद में उन्होंने सेकेंड हैंड ट्रक खरीदने का फैसला किया था ताकि खुद की गाड़ी चलाकर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकें।

पीड़ित के अनुसार 23 जनवरी 2025 को वह पटना जिले के बिहटा में स्थित गीतांजली एसोसिएट नामक स्थान पर ट्रक खरीदने पहुंचे थे। वहां उनकी मुलाकात विकास कुमार सिंह नामक व्यक्ति से हुई, जिसने खुद को ट्रक का डीलर बताते हुए कई गाड़ियों का सौदा कराने का भरोसा दिलाया। बातचीत के दौरान विकास कुमार सिंह ने बताया कि एक बारह चक्का ट्रक की कुल कीमत 12 लाख 90 हजार रुपये है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर तुरंत आधी रकम जमा कर दी जाए और दो खाली चेक दे दिए जाएं तो गाड़ी के सारे कागजात तैयार कराकर उसे खरीदार के नाम ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

कृष्ण मोहन साह का आरोप है कि विकास कुमार सिंह की बातों पर भरोसा कर उन्होंने अपने साथ आए गांव के लोगों की मौजूदगी में अपने मोबाइल नंबर से ऑनलाइन माध्यम से 6 लाख 44 हजार रुपये विकास कुमार सिंह के मोबाइल नंबर पर ट्रांसफर कर दिए। साथ ही दो खाली चेक भी उन्हें दे दिए। इसके बाद विकास कुमार सिंह उन्हें अलग-अलग जगहों पर ट्रक दिखाने के लिए ले जाने लगे।

पीड़ित का कहना है कि पहले उन्हें शेरघाटी ले जाकर एक ट्रक दिखाया गया, लेकिन बाद में खुद ही कहा गया कि यह गाड़ी ठीक नहीं है। इसके बाद उन्हें पटना के विक्रम इलाके में ले जाया गया जहां एक अन्य ट्रक दिखाया गया, लेकिन वह चौथे मालिक की गाड़ी थी और उस पर फाइनेंस भी नहीं हुआ था, इसलिए वह सौदा भी नहीं हो पाया। इसके बाद फिर से उन्हें बिहटा लाकर तीसरी गाड़ी दिखाई गई जो उन्हें ठीक लगी। जब उन्होंने उस गाड़ी के कागजात तैयार करने को कहा तो कुछ कागजी प्रक्रिया कराई गई, लेकिन बाद में उन्हें टालमटोल कर दिया गया।

पीड़ित का आरोप है कि समय बीतने के बावजूद न तो ट्रक उनके नाम ट्रांसफर किया गया और न ही उनके पैसे वापस किए गए। अब जब वह पैसे या गाड़ी की मांग करते हैं तो उन्हें बहाने बनाकर टाल दिया जाता है। इससे वह आर्थिक रूप से काफी परेशान हो गए हैं और खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

कृष्ण मोहन साह ने थाना बिहटा में आवेदन देकर पूरे मामले की जांच करने और आरोपी के खिलाफ हेराफेरी और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी मेहनत की कमाई इस तरह से चली गई है और यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सेकेंड हैंड वाहनों की खरीद-फरोख्त में कई बार दलाल और एजेंट भोले-भाले लोगों को झांसा देकर ठगी कर लेते हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है ताकि भविष्य में किसी और के साथ इस तरह की घटना न हो।

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