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तीन महीने काम कराने के बाद दिहाड़ी मजदूर का 2.16 लाख बकाया अटका, कंपनी अधिकारी पर फोन ब्लॉक कर टालने का आरोप

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निवाड़ी/बिलासपुर। मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले के एक दिहाड़ी मजदूर ने हरियाणा की एक निर्माण कंपनी पर काम कराने के बाद बकाया भुगतान रोकने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित मजदूर का कहना है कि बिलासपुर में चल रहे एक बड़े शैक्षणिक प्रोजेक्ट में करीब तीन महीने तक मजदूरों के साथ काम कराया गया, लेकिन पूरा भुगतान नहीं मिलने से वह आर्थिक संकट में आ गया है।

जानकारी के अनुसार निवाड़ी जिले के पोस्ट पोहा निवासी विनोद कुशवाहा श्रम आपूर्ति और देहाड़ी मज़दूरी का कार्य करते हैं। आरोप है कि उन्हें DevRep Developer Pvt. Ltd. कंपनी की ओर से बिलासपुर में चल रहे QES प्रोजेक्ट (पुराना GITM कॉलेज) में मजदूरी कर रहे थे यह काम कंपनी के डायरेक्टर प्रोजेक्ट्स गणेश आर. तनेजा के माध्यम से दिया गया था। विनोद कुशवाहा का कहना है कि उन्होंने 22 जनवरी 2026 से काम शुरू किया और करीब तीन महीने तक लगातार मजदूरों के साथ काम कराया।

पीड़ित मजदूर के अनुसार इस कार्य का कुल बिल 12 लाख 66 हजार रुपये बना था। कंपनी की ओर से अब तक उन्हें लगभग 10 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान किया गया है, जबकि करीब 2 लाख 16 हजार रुपये अभी भी बकाया हैं। विनोद कुशवाहा का आरोप है कि 15 मार्च के बाद से वह लगातार कंपनी के अधिकारियों से अपने बकाया भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता रहा और बाद में उनसे संपर्क करना भी बंद कर दिया गया।

पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने बार-बार फोन कर भुगतान की मांग की तो संबंधित अधिकारी गणेश आर. तनेजा ने उनका फोन उठाना बंद कर दिया और बाद में उनके नंबर भी ब्लॉक कर दिए। इसके कारण वह अपनी समस्या सीधे कंपनी तक भी नहीं पहुंचा पा रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि कंपनी के अंदरूनी कारणों से संबंधित अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है, जिसके बाद से उनका मामला और भी उलझ गया है।

विनोद कुशवाहा का कहना है कि मजदूरों के भुगतान की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है और बकाया राशि नहीं मिलने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि मामले की जांच कराई जाए और उनका बकाया भुगतान जल्द दिलाया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।

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