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जमीनी विवाद के बीच आधी रात घर में चोरी का आरोप: 53 हजार नकद और दो लाख के जेवर ले गए बदमाश, थाने में सुनवाई न होने की शिकायत

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गया। बिहार के गया जिले के चहोती थाना क्षेत्र से जमीनी विवाद के बीच चोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि आधी रात उनके घर में घुसकर नकदी और लाखों रुपये के जेवर चोरी कर लिए गए, लेकिन शिकायत के बावजूद पुलिस द्वारा अब तक उनकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।

मामले को लेकर शिकायतकर्ता बबलू यादव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनके पिता मुसाफिर यादव के घर में 20 मार्च की रात करीब 2 बजे चोरी की घटना हुई। बबलू यादव के अनुसार, उसी दिन दिन में करीब 11 बजे उनके भाइयों राजेश और दिलीपक को पुलिस थाने ले गई थी। इस दौरान परिवार पहले से ही जमीनी विवाद को लेकर तनाव में था। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के ही कुछ लोगों से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि जमीन विवाद में किशोर यादव, अनुज यादव, पिंटू यादव और जद्दू यादव नाम के लोगों से लगातार झगड़ा चल रहा है। आरोप है कि ये लोग जमीन को लेकर दबाव बनाते हैं और आए दिन गुंडागर्दी दिखाते हैं। इसी विवाद के बीच 20 मार्च की रात करीब 2 बजे घर में चोरी हो गई। परिवार का आरोप है कि चोर घर से करीब 53 हजार रुपये नकद और करीब 2 लाख रुपये के महिला आभूषण लेकर फरार हो गए।

परिवार का कहना है कि घर में रखे गहनों में महिलाओं के कई कीमती जेवर शामिल थे, जिनकी कुल कीमत करीब 2 लाख रुपये बताई जा रही है। घटना के बाद जब पीड़ित परिवार शिकायत लेकर थाना चहोती पहुंचा तो आरोप है कि पुलिस ने उनकी प्राथमिकी दर्ज करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।

बबलू यादव का कहना है कि उन्होंने लिखित आवेदन भी दिया, लेकिन पुलिस द्वारा उसे स्वीकार नहीं किया जा रहा है। उनका आरोप है कि विपक्षी पक्ष की शिकायतों पर कार्रवाई और सुनवाई हो रही है, जबकि उनके मामले को अनदेखा किया जा रहा है। इस कारण पीड़ित परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा है।

पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मामले में निष्पक्ष जांच कराने और जल्द से जल्द प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आरोपियों का हौसला और बढ़ सकता है। परिवार को उम्मीद है कि प्रशासन हस्तक्षेप कर उन्हें न्याय दिलाएगा।

 

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