अलवर। राजस्थान के अलवर जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पैतृक मकान पर कब्जे के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। 21 वर्षीय युवक ने पड़ोसियों पर गला दबाकर हत्या की कोशिश, घर पर कब्जा करने की साजिश और पूरे परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपियों लेखराम गुर्जर और उनकी पत्नी भू माफिया अवैध हथियार और शराब माफिया जैसे धंधे करते है और उनके के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज होने के बावजूद कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही।
मामला सिलीसेढ़ क्षेत्र के ढहलावास गांव का बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता योगेश पुत्र मामराज ने आरोप लगाया कि 20 मई 2026 की सुबह जब वह घर से बाहर निकला, तभी पड़ोस में रहने वाले लेखराम गुर्जर और बबली ने उसे रोक लिया और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की।
पीड़ित योगेश का आरोप है कि आरोपी लंबे समय से इलाके में शराब माफिया के रूप में सक्रिय हैं और उनके खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। परिवार का कहना है कि आरोपियों की नजर उनके मकान पर है और वे लगातार दबाव बनाकर कब्जा करना चाहते हैं।
शिकायत के मुताबिक योगेश के परिवार में चार भाइयों का हिस्सा है, जिनमें से तीन हिस्सों पर पहले ही विवाद हो चुका है और अब चौथे मकान को भी कब्जाने की नीयत से लगातार हमला और धमकी दी जा रही है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपी और ज्यादा उग्र हो गए।
पीड़ित परिवार ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि मामराज के भाई छोटेलाल जिनकी 31 जनवरी 2026 तुम मृत्यु हो गई है आरोपी लेखराम गुर्जर ने छोटे लाल को जबरदस्ती शराब जहर पिलाकर मृत्यु कर दे और बताया जा रहा है कि लेखराम गुर्जर उप सरपंच रह चुके हैं 2016 में
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने घर में लगे CCTV कैमरों को तोड़ने की कोशिश की ताकि घटना के सबूत मिटाए जा सकें। इतना ही नहीं, पीड़ित परिवार को झूठे बलात्कार के मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है, जिससे पूरा परिवार भय और तनाव के माहौल में जी रहा है।
योगेश और उसके परिजनों का कहना है कि कई बार शिकायत देने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार को डर है कि यदि समय रहते पुलिस ने सख्ती नहीं दिखाई तो कभी भी कोई बड़ी वारदात हो सकती है।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, धमकी और संपत्ति कब्जाने की साजिश जैसे गंभीर मामलों में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

