उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां दबंगों की दबंगई के कारण एक गरीब परिवार का जीना मुश्किल हो गया है। मामला ग्राम सभा डिंगवस ठाकुर राम का पुरवा का है, जहां रहने वाले नर्बदेश्वर प्रसाद रामयश मिश्रा को वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकारी आवास मिला था। तब से वह अपने परिवार के साथ इस घर में शांतिपूर्वक रह रहे थे, लेकिन अब उनके ही पट्टीदार और कुछ रसूखदार लोगों की वजह से परिवार को गंभीर उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़ित नर्बदेश्वर प्रसाद का आरोप है कि उनके पट्टीदार भोले गयाप्रसाद मिश्रा, शिवा गयाप्रसाद मिश्रा और उनके भाई की पत्नी प्रमिला राजेंद्र प्रसाद मिश्रा लगातार उन्हें परेशान कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये लोग उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करने की मंशा से उन्हें मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। आए दिन उन्हें और उनके परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने और कानूनी कार्रवाई कराने की धमकियां दी जाती हैं, जिससे पूरा परिवार डर और तनाव के माहौल में जीने को मजबूर है।
परिवार का आरोप है कि बीते कई दिनों से उन्हें तरह तरह से परेशान किया जा रहा है, लेकिन 15 मार्च 2026 को हुई घटना ने सभी सीमाएं पार कर दीं। आरोप है कि उस दिन विपक्षी पक्ष के लोगों ने प्रताड़ित करने के इरादे से नर्बदेश्वर प्रसाद के प्रधानमंत्री आवास के ठीक सामने भारी मात्रा में गोबर और अन्य गंदगी फेंक दी। इससे पूरे घर के सामने गंदगी फैल गई और परिवार का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया। यह हरकत न केवल स्वच्छता के नियमों का उल्लंघन है बल्कि एक गरीब परिवार के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाली घटना भी मानी जा रही है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि यह सब जमीन कब्जाने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। गंदगी फैलाना, झूठे केस में फंसाने की धमकी देना और लगातार मानसिक दबाव बनाना उसी रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है ताकि परिवार डरकर अपनी जमीन छोड़ दे।
इस पूरे मामले के बाद पीड़ित परिवार ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है। लोगों का कहना है कि सरकार गरीबों के लिए योजनाएं चला रही है, लेकिन यदि दबंगों का ऐसा ही रवैया रहा तो जरूरतमंद लोगों के लिए उन योजनाओं का लाभ उठाना भी मुश्किल हो जाएगा। अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर पीड़ित परिवार को कब न्याय मिल पाता है।
