मंदसौर/निम्बाहेड़ा। मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले की रहने वाली एक महिला ने राजस्थान के निम्बाहेड़ा में अपने परिवार के साथ हुई कथित हैवानियत की ऐसी कहानी सुनाई है जिसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता किरण दमामी का आरोप है कि एक साल से परिचित महिला नंदिनी उर्फ संध्या ने उन्हें शादी में गवाही देने और खर्चा देने का लालच देकर निम्बाहेड़ा बुलाया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद पूरा परिवार कथित तौर पर सुनियोजित साजिश का शिकार बन गया। महिला का कहना है कि घटना के बाद से वह लगातार पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगा रही है, लेकिन अब तक उसकी सुनवाई नहीं हुई।
पीड़िता के अनुसार 15 मई 2026 को नंदिनी उर्फ संध्या का फोन आया। उसने कहा कि 16 मई को दोपहर तक निम्बाहेड़ा बस स्टैंड पहुंचना है, जहां एक शादी में गवाही देनी है। साथ ही फोटो और आधार कार्ड भी लाने के लिए कहा गया। किरण का कहना है कि वह अपने पति मेहताब दमामी और नाबालिग बेटी कुमकुम के साथ बाइक से निम्बाहेड़ा पहुंची, जहां पहले उन्हें सांवरिया धर्मशाला में ठहराया गया और शाम होने का इंतजार कराया गया।
किरण का आरोप है कि शाम को नंदिनी उन्हें कच्ची बस्ती स्थित अजय के घर ले गई। वहां पहुंचते ही अजय, उसकी मां और तीन-चार अन्य लोगों ने कथित तौर पर पूरे परिवार के साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। महिला का कहना है कि लोहे की रॉड और डंडों से हमला किया गया। उसने आरोप लगाया कि उसके कपड़े फाड़े गए, उसके साथ अश्लील हरकत की गई और सामूहिक दुष्कर्म की धमकी दी गई। पीड़िता का यह भी आरोप है कि उसकी नाबालिग बेटी के कपड़े भी फाड़ दिए गए और उसे भी प्रताड़ित किया गया।
महिला के मुताबिक आरोपियों ने उसे दबाव में लेकर उसके पति मेहताब को फोन कराया। जैसे ही मेहताब मौके पर पहुंचे, उनके साथ भी कथित रूप से जमकर मारपीट की गई। आरोप है कि लोहे की रॉड से सिर पर हमला किया गया, उनका मोबाइल छीन लिया गया तथा महिला के सोने के टॉप्स, सोने की चेन और पर्स में रखी नकदी भी लूट ली गई।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि मारपीट के बाद रात करीब 9 बजे आरोपी उन्हें जबरन एसडीओ कोर्ट ले गए। वहां कथित तौर पर स्टाम्प पेपर खरीदकर उनके पति से दबाव में दस्तखत कराए गए और फर्जी तरीके से 70 हजार रुपये में मोटरसाइकिल गिरवी रखने के दस्तावेज तैयार कर नोटरी करवा दी गई। इसके बाद आरोपियों ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भगा दिया।
किरण का कहना है कि आरोपियों ने उनकी मोटरसाइकिल, हेलमेट, सोने के जेवर और नकदी अपने कब्जे में ले ली। घटना के बाद लगातार अलग-अलग मोबाइल नंबरों से धमकियां दी जा रही हैं। आरोप है कि आरोपी यह कहते हैं कि यदि पुलिस में शिकायत की तो फर्जी स्टाम्प के आधार पर उल्टा मुकदमा दर्ज करवा देंगे और पुलिस में उनकी सेटिंग होने के कारण कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
पीड़िता के अनुसार भय के कारण वह तत्काल मेडिकल भी नहीं करा सकी। बाद में 19 मई को निम्बाहेड़ा अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टर ने कथित तौर पर पुलिस रिपोर्ट के बिना मेडिकल परीक्षण करने में असमर्थता जताई। इसके बाद उसने उपचार कराया और 25 मई 2026 को पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर अजय, नंदिनी उर्फ संध्या और अन्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, मोटरसाइकिल, जेवर, नकदी और कथित फर्जी स्टाम्प की बरामदगी की मांग की।
किरण का कहना है कि घटना को दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोतवाली पुलिस ने उसकी शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की। पीड़िता ने प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की गिरफ्तारी, लूटा गया सामान बरामद कराने और उसके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

