मुंबई/24 परगना। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बसंती थाना क्षेत्र के होगलदुरी गांव से एक बेहद मार्मिक मामला सामने आया है, जहां एक गरीब और असहाय पिता ने अपने बेटे को बेहतर भविष्य देने के लिए विदेश भेजा, लेकिन अब वही बेटा पिछले चार महीनों से दुबई की जेल में बंद है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पिता ने मदद की गुहार लगाई है।
पीड़ित हलीम सरदार ने बताया कि उनका पुत्र अ.स. रकीब कुरान का हाफ़िज़ है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण बेटी की शादी के बाद घर चलाना मुश्किल हो गया था। इसी मजबूरी में उन्होंने बेटे को नौकरी के लिए दुबई भेजने का फैसला किया।
हलीम सरदार के अनुसार, बरुईपुर निवासी एक एजेंट हाफिजुर रहमान ने उनके बेटे को दुबई में अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। एजेंट ने सुनहरे भविष्य के सपने दिखाकर परिवार से संपर्क किया और विदेश भेजने की पूरी व्यवस्था करने का दावा किया। लेकिन दुबई पहुंचने के बाद बेटे को वह नौकरी नहीं मिली, जिसका वादा किया गया था।
पिता का आरोप है कि बेटे को वहां प्रताड़ित किया गया और जब उसने कई बार भारत लौटने की इच्छा जताई तो कंपनी ने उसे वापस आने की अनुमति नहीं दी। इतना ही नहीं, कंपनी की मालकिन ने फोन पर धमकी दी कि यदि वह वापस कंपनी में काम करने नहीं लौटा, तो उसके खिलाफ ऐसा मामला दर्ज कराया जाएगा कि वह कभी भारत नहीं लौट सकेगा।
बताया जा रहा है कि कंपनी से परेशान होकर रकीब ने कहीं और काम करना शुरू कर दिया ताकि वह घर लौटने के लिए पैसे जुटा सके। इसी बीच एयरपोर्ट पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। तब से लगभग चार महीने बीत चुके हैं और वह जेल में बंद है।
परिवार का कहना है कि उन्हें यह भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही कि बेटे पर किस मामले में कार्रवाई की गई है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वे कानूनी सहायता लेने में भी असमर्थ हैं। गांव में परिवार के लोग लगातार रो रहे हैं और बेटे की सलामती को लेकर गहरी चिंता में हैं।
हलीम सरदार ने भावुक अपील करते हुए कहा कि वह पूरी तरह टूट चुके हैं और उन्हें अपने बेटे को छुड़ाने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा। उन्होंने समाजसेवियों, प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मदद की मांग की है ताकि उनका बेटा सकुशल भारत लौट सके।
यह मामला एक बार फिर विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर एजेंटों द्वारा किए जा रहे कथित धोखाधड़ी के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े करता है। गरीब परिवार बेहतर रोजगार की उम्मीद में अपने बच्चों को विदेश भेजते हैं, लेकिन कई बार वे ठगी और शोषण का शिकार हो जाते हैं।
परिवार ने संबंधित दस्तावेज और कागजात भी उपलब्ध कराए हैं तथा मामले की निष्पक्ष जांच और बेटे की रिहाई की मांग की है।
