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बिहार के मुंगेर जिले के रहने वाले मजदूरों को महीनों की मेहनत के बावजूद उनका हक का वेतन नहीं मिला।

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पंजाब के लुधियाना से मजदूर शोषण का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बिहार के मुंगेर जिले के रहने वाले मजदूरों को महीनों की मेहनत के बावजूद उनका हक का वेतन नहीं मिला। मामला मुंगेर जिले के हवेली खरगपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पोस्ट अग्रहण, शामपुर के निवासी मना सिंहा से जुड़ा है, जो रोजी रोटी की तलाश में पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना गए थे।

जानकारी के अनुसार मना सिंहा पिछले लगभग छह महीनों से लुधियाना की एक फैक्ट्री में हाइड्रोलिक प्रेस मशीन चलाने का काम कर रहे हैं। परिवार का भरण पोषण करने के लिए वे लगातार मेहनत कर रहे थे, लेकिन आरोप है कि फैक्ट्री मालिक ने उनकी दो महीने की सैलरी रोक ली है। बकाया वेतन की राशि करीब 28 हजार रुपये बताई जा रही है।

मना सिंहा का कहना है कि पिछले एक महीने से उन्हें केवल टालमटोल किया जा रहा है। बार बार मांग करने पर मालिक की ओर से सिर्फ दो हजार रुपये दिए गए, जबकि बाकी 28 हजार रुपये अब भी बाकी हैं। इतना ही नहीं, उनके साथ काम करने वाले दो से तीन अन्य मजदूरों की भी सैलरी रुकी हुई बताई जा रही है।

आरोप जिस फैक्ट्री मालिक पर लगे हैं, उनका नाम नमन अरोड़ा बताया जा रहा है, जो लुधियाना में ही फैक्ट्री संचालित करते हैं। मजदूरों का कहना है कि उन्हें हर बार आश्वासन दिया जाता है कि पैसे दे दिए जाएंगे, लेकिन अब तक पूरा भुगतान नहीं किया गया है। लगातार वेतन न मिलने से मजदूरों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। परिवार चलाना, बच्चों का खर्च उठाना और घर भेजने के लिए पैसे न होने से वे मानसिक तनाव में हैं।

स्थानीय मजदूर संगठनों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो मामला और गंभीर हो सकता है। मजदूरों ने श्रम विभाग से जांच कर बकाया वेतन दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि वे मेहनत का पूरा हिसाब चाहते हैं और किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या मजदूरों को उनका मेहनताना मिल पाता है या नहीं। फिलहाल यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और मजदूर न्याय की आस लगाए बैठे हैं।

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