यहां रहने वाले रोहित सुतार ने अपने ही रिश्तेदारों पर जमीन के कागजात चोरी कर जमीन हड़पने और घर से सामान चोरी करने का गंभीर आरोप लगाया है।
रोहित सुतार का कहना है कि उनकी मां के हिस्से की जमीन उनके मामा के परिवार से जुड़ी हुई थी। आरोप है कि उनकी मां की बहन महिमा ने उनके मामा की जमीन के कागजात चोरी कर लिए और उस जमीन का आधा हिस्सा दूसरे लोगों को बेच दिया। वहीं जमीन का एक हिस्सा दल बहादुर भंडारी ने अपने सात बेटा बेटियों के बीच पैसे के रूप में बांट दिया। इसके अलावा आधी जमीन अपने तीन बेटों के नाम भी कर दी गई।
रोहित सुतार के मुताबिक जिस आधी जमीन पर उनकी मां और मामा का हक था उसी जमीन पर यह पूरा विवाद खड़ा कर दिया गया। उन्होंने बताया कि उनके परिवार ने पूरी जिंदगी डर और तनाव में गुजारी क्योंकि आरोपित पक्ष की ओर से लगातार दबाव और विवाद की स्थिति बनी रहती थी।
रोहित ने बताया कि करीब दो साल पहले उनकी मां घर छोड़कर बैगुन धाम चली गईं और तब से वह उनके साथ नहीं हैं। इसी दौरान आरोप है कि महिमा उनके घर के अंदर घुस गई और पीतल के थाल, बर्तन और घोटी जैसे सामान चोरी कर ले गई। रोहित का कहना है कि उन्होंने यह घटना अपनी आंखों से देखी है।
रोहित सुतार का यह भी कहना है कि उनकी मां की बहन के बेटा बेटियां भी महिमा के घर नहीं आते हैं क्योंकि वे भी उसकी हरकतों को अच्छी तरह जानते हैं।
रोहित ने एक और महत्वपूर्ण बात का जिक्र करते हुए बताया कि करीब 20 साल पहले उनकी शादी से दो दिन पहले उनकी मां ने बड़ी बहन के बेटे को जमीन के खजाना रसीद दिखाकर पढ़ने को कहा था। उस समय उसने खड़गा बहादुर के नाम का जिक्र किया था। रोहित के अनुसार जब उन्हें यह बात याद आई तो उन्होंने उस व्यक्ति को फोन कर इस बारे में पूछा और उस बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है। उन्होंने बताया कि उनकी मां की बहन का बेटा भी इस मामले में गवाह है।
रोहित सुतार ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उनकी मां की जमीन वापस दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सही तरीके से जांच की जाए तो जमीन के कागजात की चोरी और अवैध तरीके से जमीन बेचने की सच्चाई सामने आ सकती है।
स्थानीय लोगों के बीच भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से इस पूरे मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
