मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने ही पाटीदारों पर मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और सोने की चेन झपटने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता सविता देवी, पत्नी हरेंद्र यादव, ने प्रशासन से अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। महिला का कहना है कि वह घर पर अकेली रहती हैं, जबकि उनके पति और बच्चे बाहर रहते हैं, इसी का फायदा उठाकर आरोपी लगातार उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं।
पीड़िता के अनुसार गांव के ही राजेश यादव, सुनीता यादव, सिंधु, नीतू और शिवम यादव लंबे समय से उनसे अदावत रखते हैं। महिला ने आरोप लगाया कि ये सभी लोग आए दिन उनके साथ बदसलूकी करते हैं, गंदी गालियां देते हैं और मानसिक रूप से परेशान करते रहते हैं। मामला उस समय और गंभीर हो गया जब 22 मार्च 2026 को कथित तौर पर सभी आरोपी उनके घर पहुंचे और विवाद शुरू कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी और इस दौरान उनकी सोने की चेन भी झपट ली।
सविता देवी ने बताया कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने सिकंदरपुर थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अब तक न तो कोई सुनवाई हुई और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। इससे पीड़िता और उनका परिवार दहशत में है। महिला का कहना है कि आरोपी खुलेआम धमकी दे रहे हैं कि मौका मिलने पर उन्हें जान से मार देंगे। चूंकि वह घर में अकेली रहती हैं, इसलिए उन्हें हर समय किसी अनहोनी का डर सताता रहता है।
गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, तो मामला और गंभीर रूप ले सकता है। महिला ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर थाने में शिकायत देने के बाद भी अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। क्या पीड़िता को न्याय मिलेगा, या फिर दबंगों का खौफ यूं ही बना रहेगा। पूरे इलाके में इस घटना को लेकर तनाव का माहौल है और लोग पुलिस की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
