Home National दोस्ती में दरार: साझा Instagram ID पर विवाद, वीडियो डिलीट करने और...

दोस्ती में दरार: साझा Instagram ID पर विवाद, वीडियो डिलीट करने और ब्लॉक करने का आरोप; दरभंगा के युवक ने लगाई न्याय की गुहार

0

दरभंगा। सोशल मीडिया पर साथ मिलकर वीडियो बनाने वाले दो दोस्तों के बीच अब गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। कमतौल थाना क्षेत्र निवासी रंजीत साहनी ने आरोप लगाया है कि उनके दोस्त इंडिया विक्रम निषाद ने साझा इंस्टाग्राम आईडी का दुरुपयोग करते हुए उनके वीडियो डिलीट कर दिए, उन्हें ब्लॉक कर दिया और अब किसी अन्य युवती के साथ कंटेंट बना रहे हैं।

रंजीत साहनी के अनुसार, वह और महेशसता निवासी विक्रम निषाद पिछले करीब दो वर्षों से साथ मिलकर वीडियो बनाते थे। दोनों एक ही इंस्टाग्राम आईडी “PK 123” नाम से संचालित करते थे और संयुक्त रूप से वीडियो अपलोड करते थे। रंजीत का दावा है कि इस आईडी को बढ़ाने में उन्होंने काफी मेहनत की और नियमित रूप से कंटेंट तैयार किया।

पीड़ित का आरोप है कि कुछ समय पहले उन्होंने नया मोबाइल फोन खरीदा था, जिसे विक्रम ने मांग लिया। रंजीत के अनुसार, उन्होंने दोस्ती में भरोसा करते हुए नया फोन दे दिया और पुराना फोन अपने पास रख लिया। उस समय यह तय हुआ था कि इंस्टाग्राम आईडी दोनों की साझा रहेगी और जरूरत पड़ने पर एक्सेस वापस कर दिया जाएगा। लेकिन अब स्थिति बदल गई है।

रंजीत का कहना है कि वह जब भी कोई नया वीडियो अपलोड करते हैं, विक्रम निषाद उसे डिलीट कर देते हैं। इतना ही नहीं, उन्हें आईडी से पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया है। आरोप है कि विक्रम अब मुजफ्फरपुर के हथौड़ी क्षेत्र की रहने वाली श्वेता कुमारी के साथ वीडियो बना रहे हैं और रंजीत को पूरी तरह अलग कर दिया गया है। फोन कॉल करने पर भी जवाब नहीं दिया जा रहा।

इस पूरे विवाद से आहत रंजीत साहनी ने अपील की है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और संबंधित लोग इस मामले को गंभीरता से लें। उनका कहना है कि उन्होंने मेहनत से जो पहचान बनाई थी, वह अब खतरे में है। वे चाहते हैं कि उनकी अनुमति के बिना बनाई जा रही वीडियो पर रोक लगे और भविष्य में उस आईडी से होने वाली किसी भी आय या लाभ में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

सोशल मीडिया विशेषज्ञों का कहना है कि साझा अकाउंट चलाने के मामलों में लिखित समझौता और स्पष्ट पासवर्ड सुरक्षा जरूरी होती है, अन्यथा इस तरह के विवाद उत्पन्न हो सकते हैं। फिलहाल मामला आपसी भरोसे और डिजिटल अधिकारों के टकराव का बन गया है। अब देखना होगा कि संबंधित पक्ष आपसी समझौते से समाधान निकालते हैं या कानूनी रास्ता अपनाया जाता है।

 

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version